Varanasi: 10 वर्षीय बच्ची को ट्यूशन पढ़ाता था मो० हैदर, पॉक्सो एक्ट में भेजा गया जेल, 5 वर्ष पहले की थी रेप करने की कोशिश

इस्लामी कट्टरपंथियों की काली करतूत का एक और भांडा सामने आया है. जहां ट्यूशन पढ़ाने के बहाने दस वर्षीय बच्ची के साथ छेड़खानी करने की कोशिश की. और तो और पकडे जाने पर माफ़ी भी मांगी. इसके बाद लड़की को बाहर रोककर फिर से छेड़खानी करने की हिम्मत की. जिसके बाद न्यायालय ने आज उसे 5 वर्ष के लिए जेल भेज दिया. हालांकि न्यायालय का फैसला आने में काफी वक़्त लग गया, लेकिन ख़ुशी की बात यह रही कि बच्ची को न्याय मिल गया. अब कोई भी हिन्दू परिवार अपने यहां किसी विधर्मी को रखने से पहले कई बार सोचेगा.

मामला वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र का है. विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनुतोष शर्मा की अदालत ने 10 साल की छात्रा के साथ छेड़खानी के छह साल पुराने मामले में आरोपी ट्यूशन मास्टर मोहम्मद हैदर को दोषी पाया है. अदालत ने आरोपी को पांच साल की कठोर कैद और पांच हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है.

विशेष लोक अभियोजक मधुकर उपाध्याय और वादी पक्ष के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस व हिमांचल सिंह ने बताया कि बच्ची की मां के प्रार्थना पत्र के आधार पर अदालत के आदेश से आदमपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. वादिनी के अनुसार आदमपुर निवासी मोहम्मद हैदर उनकी 10 वर्षीय बेटी को ट्यूशन पढ़ाता था. 17 मार्च 2016 को ट्यूशन पढ़ाने के दौरान मोहम्मद हैदर ने उनकी बेटी के साथ छेड़खानी की. बच्ची के शोर मचाने पर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो मोहम्मद हैदर माफी मांगने लगा. उसने कहा कि वह भविष्य में दोबारा कभी ऐसी घटिया हरकत नहीं करेगा.

मोहम्मद हैदर के माफी मांगने पर बच्ची के परिजनों ने लोकलाज के भय से उसे हिदायत देकर घर से भगा दिया था. इसके बाद मोहम्मद हैदर उनकी बच्ची को रास्ते में रोक कर छेड़खानी करने लगा था. हैदर की करतूत के संबंध में परिजनों ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी.

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनुतोष शर्मा की अदालत ने पत्रावली के अवलोकन और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी मोहम्मद हैदर को दोषी पाया. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे पांच साल की कठोर कैद और पांच हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया.