Varanasi: “आखिर ‘मनरेगा’ में धांधली कब तक…?” रोजगार सेवक के खिलाफ जिला अधिकारी को प्रधान ने सौंपा ज्ञापन

ब्यूरो रिपोर्ट – मयंक कश्यप

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के देउरा ग्राम सभा में रोजगार सेवक गीता देवी व उनके ससुर राम दवन पाल द्वारा भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। देउरा ग्राम प्रधान सीमा देवी का कहना था कि रोजगार सेवक गीता देवी के द्वारा मस्टरोल पर मेरा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपने ससुर राम दवन पाल से मस्टरोल की फाइल ब्लॉक पर भेजवाती है।

गीता देवी द्वारा अपने चहेतों का मस्टरोल पर फर्जी हाजरी भरकर कंप्यूटर ऑपरेटर से कंप्यूटर पर फिड करवाती है।और अपने पक्ष और अपने चहेते लोगों के खाते में पैसा आ जाने के बाद आपस में बंदरबांट कर लेती है। ग्राम पंचायत में पंचायत भवन व अमृत सरोवर लंबा तालाब का निर्माण में रोजगार सेवक के द्वारा अपने चहेते लोगों का मस्टरोल पर फर्जी एडवांस हाजिरी 28-29 सितंबर 2022 तक का भरकर कंप्यूटर ऑपरेटर से कंप्यूटर पर फीड करवाई है। जो नेट पर प्रदर्शित कर रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मनरेगा कार्य में लंबे स्तर पर धांधली हो रही है। अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उत्तर प्रदेश सरकार और उनके प्रशासनिक अधिकारियों पर उठता है कि जहां पर भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात होती है। तो वही प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ही भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। जिस पर किसी भी अधिकारियों द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। और ना ही मामले को संज्ञान में लिया जा रहा है। अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद जिले के अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।