दूसरे दिन भी ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का वीडियोग्राफी सर्वे शुरू, कड़ी सुरक्षा के किए गए हैं इंतज़ाम

वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का कोर्ट के आदेश पर किए गए वीडियोग्राफी सर्वे का दूसरा दिन रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया. कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी आज ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे करेगी. कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष सहायक आयुक्त एडवोकेट विशाल सिंह ने बताया कि सर्वेक्षण सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच किया जाएगा.

पुलिस ने परिसर के चारों तरफ सड़कों पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं. पहले दिन परिसर के 500 मीटर के दायरे में सभी दुकानें बंद रहीं. वाराणसी के डीसीपी आरएस गौतम ने बताया कि सभी के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई है. सभी रास्तों को खोल दिया गया है ताकि आने जाने वालों को कोई परेशानी न हो और पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है. अभी एक गेट से कोर्ट द्वारा गठित आयोग के सदस्यों को एंट्री दी जा रही है और बाकी से श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं.

जहां तक ​​सर्वे की बात है तो दोनों पक्षों के वकील, पुलिस अधिकारी, जिलाधिकारी और सर्वे से जुड़े तमाम सरकारी अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. यह सर्वेक्षण मस्जिद अधिकारियों की आपत्तियों के बावजूद सर्वेक्षण जारी रखने के वाराणसी सिविल कोर्ट के आदेश के अनुसार किया जा रहा है. काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर में दैनिक पूजा की अनुमति के लिए पांच महिलाओं ने अदालत में याचिका दायर की थी. उक्त की याचिका पर दीवानी न्यायालय द्वारा परिसर में सर्वेक्षण एवं वीडियोग्राफी कराने का आदेश आया है.

एक अन्य याचिका, जिसे विजय शंकर रस्तोगी ने दायर किया था, ने तर्क दिया था कि पूरा परिसर काशी विश्वनाथ का है और ज्ञानवापी मस्जिद केवल मंदिर का एक हिस्सा है, यह भी 1991 से अदालत में लंबित है. रस्तोगी ने यह भी दावा किया था कि काशी विश्वनाथ मंदिर दो हजार साल पहले बनाया गया था और मंदिर को मुगल सम्राट औरंगजेब ने ध्वस्त कर दिया था.