पड़ाव: सर्वेश्वरी समूह के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, सुजाबाद में बाप-बेटों के खिलाफ एफआईआर, जांच में जुटी पुलिस

वाराणसी – चंदौली बॉर्डर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान सर्वदा से बिहार और पूर्वांचल के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र रहा है. अब इस संस्था को लेकर फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है. आरोप है कि सामाजिक और धार्मिक स्तर पर काम करने वाली इस संस्था का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था. सोशल मीडिया के जरिए संस्था को बदनाम करने की साजिश चल रही थी. इस मामले में वाराणसी के रामनगर थाना में एक FIR दर्ज कराई गई है.

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इस केस में बिहार के कैमूर के रहने वाले कृष्णनंदन सिंह उर्फ पप्पू सिंह और उनके बेटे करवीर सिंह को नामजद किया गया है. यह FIR संस्था के संयुक्त मंत्री अरविंद सिंह के लिखित कंप्लेन के आधार पर हुई है. अपने कंप्लेन में इन्होंने संस्था को हानि पहुंचाने, विरोध करने पर गाली गलौज और मारपीट करने के भी आरोप बाप-बेटे पर लगाया है.

दरअसल, जिस पप्पू सिंह पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगा है, वो पहले इस संस्था से जुड़े हुए थे. संयुक्त मंत्री का आरोप है कि संस्था में रहते हुए उनके उपर हेराफेरी और धोखाधड़ी करने का आरोप पहले भी लगा था. इस कारण काफी पहले उन्हें संस्था से निकाल दिया गया था. आरोप यह भी है कि पप्पू सिंह ने गलत तरीके से संस्था का नाम लेकर लाखों रुपए ठगे और उससे काफी संपत्ति बनाई. अब वो और उनके बेटे सूजाबाद में रहते हुए सोशल मीडिया पर संस्था को बदनाम कर रहे थे. इसी उद्देश्य से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट कर रहे थे.

रामनगर के थानेदार अश्वनी पांडेय ने कहा कि गाली गलौज धमकी और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज हुआ है. पुलिस इस मामले में पूछताछ और जांच की कार्रवाई जल्द ही करेगी. अभी तक साइबर क्राइम टीम की जांच में ये बाप-बेटे पर लगे आरोप सही पाए गए हैं. पिछले कई दिनों से संस्था को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो और टेक्स्ट मैसेज पोस्ट कर रहे थे. पुलिस की जांच में यह मामला सही पाया गया है.