काशी में बोलीं स्मृति ईरानी, कहा- “कांग्रेस ने बाबा साहब के जख्मों पर नमक डालने का काम किया”

वाराणसी. केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी गुरुवार को वाराणसी पहुंचीं. वे रोहनियां स्थित भाजपा के काशी क्षेत्र कार्यालय पर भारतरत्न डॉ भीम राव आंबेडकर की 132वीं जयंती पर संगोष्ठी में समिल्लित हुईं. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा सपा के गुंडाराज को बीजेपी ने खत्म किया. देश का दुर्भाग्य ये है की कुछ पार्टियां जाति विशेष की राजनीति कर रही हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कभी जाति या वर्ग के नाम पर वोट नहीं मांगते हैं.

काशी ने पीएम मोदी को अपना सांसद चुना और देश ने सेवक स्मृति ईरानी ने कहा काशी ने पीएम मोदी को अपना सांसद चुना और देश ने सेवक जो लगातार बाबा साहब के सपनों को पूरा कर रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा भारत सशक्तिकरण की संकल्पना तब साकार होगी ज़ब सरकार के खजाने पर सभी गरीबों का हक हो. अब बैंक चलकर गरीबों के दरवाजे पर आते हैं. 11 करोड़ किसानों के खाते में पैसा सीधे जाता है.

कांग्रेस ने बाबा साहेब के जख्मों पर नमक डालने का काम किया यूपी में एक वक़्त था जब राजनीतिक दल का रंग लाल था. सपा ने चुनाव के दौरान बुलडोजर को लेकर तंज किया था. यूपी की जनता ने बुलडोजर पर चढ़ कर कमल के बटन को दबा कर प्रदेश के सपा को चुनाव में जवाब दिया है. बाबा साहेब को हराने वाली पार्टी कांग्रेस हैं. बाबा साहेब को हराने वाले शख्स को कांग्रेस ने पद्म पुरस्कार दिया. उन्होंने तीखे स्वर में कहा कांग्रेस ने बाबा साहेब के जख्मों पर नमक डालने का काम किया. जबकी मोदी जी ने अपने कैबिनेट में सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति के लोगों को जगह दी.

बाबा साहब का एक ही संकल्प था एक राष्ट्र एक संविधान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाबा साहब का एक ही संकल्प था एक राष्ट्र एक संविधान. भारतीय जनता पार्टी उसी को संकल्प के रूप में लेकर काम कर रही है. बाबा साहब ने एक राज्य के बंटवारे के समय कहा था कि कोई यह न समझे कि हम किसी धर्म किसी संप्रदाय किसी विशेष क्षेत्र के लोगों के लिए काम करेंगे. मेरी प्राथमिकता भारत है. मैं भारतीय हूं. वह एक राष्ट्र एक संविधान की बात करते थे.

क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि काशी क्षेत्र के सभी 16 जिलों में अम्बेडकर जयंती पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. भाजपा कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ ही जनप्रतिनिधि, क्षेत्र, जिला, महानगर मंडल पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए.