सर्व शिक्षा अभियान का सपना जल्दी होगा पूरा: डॉक्टर सत्य प्रकाश वैज्ञानिक काशी हिंदू विश्वविद्यालय

 काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान में पिछले 14 वर्ष से क्लिनिकल ट्रायल के ऊपर राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला “नेशनल फैसिलिटी सेंटर” में वैज्ञानिक का दायित्व निर्वहन कर रहे हैं, और वे पिछले 2 वर्ष “मार्च 2020″ से लाकडाउन की परिस्थितियों में सोशल मीडिया के माध्यम से सर्व शिक्षा अभियान के लिए, देश में सामान्य जनसमाज के व्यक्तित्व विकास और लोकल फॉर वोकल” को आगे बढ़ाने के लिए जन शक्ति तैयार करने का; पर्याय बन चुके हैं.

बीस से अधिक दस-पंद्रह दिवसीय कार्यशालाओं के सतत  निष्पादन के पश्चात, देश के कोने कोने से जुड़े शिक्षाविदों और व्यक्तित्व के माध्यम से इस अभियान ने समाज में मौलिक सृजन और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देते हुए शिक्षा और संस्कार को, राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व सीखा कर, उनको एक “राष्ट्र शिक्षक” की भूमिका में तैयार किया है.

100 से  वार्षिक सदस्यता प्राप्त सदस्यों के माध्यम से यह कार्यशाला, प्रतिदिन सोशल मीडिया में प्रेरणा प्रदान कर सबको अपनी अभिव्यक्ति सुधारने का और राष्ट्रीय स्तर के वैचारिक मंथन को करने का काम करती है.

 नारी सशक्तिकरण के लिए अनुज्ञा कार्यक्रम को, देश के कोने कोने से जुड़ी हुई महिला सदस्यों ने अपनाकर इसका एक ब्रांड स्थापित कर दिया है, जबकि साहित्यकारों ने कवि के साथ कॉफी फेसबुक ग्रुप में “अपनी बात डॉक्टर सत्या” के साथ  5 से 10 मिनट की अभिव्यक्ति कार्यक्रम को संयोजित कर, इसको भी एक ब्रांड के रूप में स्थापित करते जा रहे हैं तथा हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से व्यक्तित्व का समुचित विकास हो, पुरातन ज्ञान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कर, “फेसबुक को रियल बुक” जो इस वैज्ञानिक द्वारा नेतृत्व किया गया है, को कर रहे हैं.

 पिछले वर्ष महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के जन्म जयंती 25 दिसंबर के तत्वाधान में मीट कार्यक्रम की आधारशिला रखी गई थी, जिसमें पिछले साल से लेकर अब तक 500 से ज्यादा लोगों ने अपनी  अभिव्यक्ति को सौंप कर इस कार्यक्रम को बल दिया है.

 ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने का उद्देश्य व्यक्तित्व विकास और नए टैलेंट को तैयार करना भी है. इन कार्यशालाओं के माध्यम से 50 से अधिक अच्छे वक्ता और कार्यक्रम को आगे बढ़ाने वाले, अपने विषय में स्वप्रेरणा से समाज को दिशा देने वाले नेतृत्वकर्ता भी तैयार हो रहे हैं.

 बच्चों के साथ माता-पिता की गुणवत्तापूर्ण कार्य प्रणाली को और बच्चों की अभिव्यक्ति को एक्ट एंड आर्ट के माध्यम से बेहतर बनाने के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन चल रहा है, जिनमें प्रतिभाग करने वाले सभी सदस्य मौलिक कहानियों के माध्यम से बच्चों को संस्कार दे रहे हैं.

 वैज्ञानिक डॉ सत्य प्रकाश जी का मानना है कि 2022 तक हमारे पास 500 से अधिक सतत कार्य करने वाले सदस्य, देश के लिए अच्छा चिंतन देने के लिए तैयार कर दिए जाएंगे. महामारी के इस काल में व्यक्तित्व विकास की कार्यशालाओं को आयोजित कर रहा यह कार्यक्रम जिसका नाम “डॉ सत्या होप टॉक” है एक नई उम्मीद के रूप में उभरा है. घर बैठे शिक्षा अभियान को अपना योगदान देकर वरिष्ठ नागरिक से लेकर महिला सदस्य अपने को राष्ट्रीय चेतना जैसे विषय से जुड़ने में समर्थ हो पा रहे हैं, तथा समाज में मानसिक तनाव में कमी का तरीका भी बना रहे हैं.

 मात्र आधे घंटे प्रत्येक दिवस या अति व्यस्त व्यक्तियों को सप्ताह में खर्च करने पर इस राष्ट्रीय चेतना के कार्यक्रम में अच्छा फल मिलने का निर्देशन और ट्रेनिंग भी डॉक्टर सत्य प्रकाश जी के द्वारा चलाई जाती है.

 वार्षिक सदस्यता प्राप्त सदस्यों में अनुशासन और समय का प्रबंधन इतना अच्छा है कि सोशल मीडिया में स्वस्थ वैचारिक मंथन स्थापित हो रहा है. समाज में इस प्रकार सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है कि डॉ सत्यप्रकाश,  डिटॉक्सिफिकेशन प्रोजेक्ट को सोशल मीडिया के लिए बहुत जरूरी मानते है.

 युवाओं पर सोशल मीडिया का भारत में नकारात्मक प्रभाव न पड़े इसके लिए, स्वस्थ कम्युनिकेशन सिखाना एक बड़ा दूरदर्शी उद्देश्य है, जिसमें स्वरोजगार के कार्यक्रम के लिए भी जुड़े हुए सदस्य ट्रेनिंग लेते हैं और अपनी प्रतिभा को उन्नयन करने में कार्य कर रहे हैं.

 एक अच्छी उम्मीद को संग्रहित करने वाली यह कार्यशाला, आने वाले 25 दिसंबर से पूर्व अपने सभी “सहयोगी व्यक्तित्व” का परिचय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के समक्ष रखने वाले हैं, जिससे इस योगदान में भागीदारी कर रहे  सदस्यों को प्रधानमंत्री जी के द्वारा एक सुंदर प्रशस्ति दी जा सके.

 भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय  महामना की जन्म जयंती के उपलक्ष में ऑनलाइन शिक्षा की मर्यादा और सर्व शिक्षा भाग 2022 का भी एक बड़ा ऑनलाइन कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें 12 दिसंबर से   लेकर 25 दिसंबर तक 500 से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को सुरक्षित किया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published.