बेनियाबाग पार्किंग के नाम पर शुरू हुई राजनीतिक सियासत, समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से मिलकर दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

वाराणसी.स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत संवारे गए बेनियाबाग पार्क से लोकतंत्र सेनानी राजनारायण का नाम हटाए जाने का विरोध में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर दीपक अग्रवाल से मुलाकात कर पत्रक सौंपा.

पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने बताया कि बेनियाबाग पार्क का नाम को लोक बंधु राजनारायण के नाम से पार्क था जिसे भाजपा सरकार ने प्रवर्तित कर बेनियाबाग किए जाने पर रोष प्रकट किया है. पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत ने यहां विक्टोरिया की प्रतिमा लगाई थी. उस प्रतिमा को गुलामी का प्रतीक मानते हुए लोकबंधु राजनारायण ने न सिर्फ आंदोलन किया बल्कि उसे तोड़ भी दिया था. प्रतिमा तोड़े जाने के बाद उन्हें तीन माह की जेल हुई थी. बाद में इस पार्क का नाम बेनियाबाग हो गया. समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर मुलायम सिंह यादव की सरकार में पार्क का नाम राज नारायण स्मारक पार्क कर दिया गया था. तबसे पार्क उसी नाम से जाना जा रहा था.राज नारायण काशी के गौरव थे. विकास योजनाओं के दौरान इस पार्क को फिर से बेनियाबाग का नाम दिया जा रहा है जिसे लेकर लोगों में रोष है .

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सपाइयों को भरोसा दिलाया कि जैसे पूर्ववत नाम था उसी तरह कर दिया जाएगा. पत्रक सौपने वालों मे प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष सुजित यादव, सपा महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा,छात्र सभा के राष्ट्रीय महासचिव संदीप सिंह स्वर्णकार, पूर्व प्रदेश सचिव मनोज यादव गोलू,विधानसभा अध्यक्ष अजय चौधरी, वरिष्ठ नेता हरीश सिंह बंगगड, प्रदेश सचिव राजू यादव,महिला सभा महानगर अध्यक्ष पूजा यादव, छात्र अध्यक्ष विमलेश यादव,वरिष्ठ चिकित्सक पुष्पा चौपाल,नीरू पाण्डेय,जयराम यादव,वरिस्ठ नेता मनीष सिंह,आदि लोग शामिल थे.

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