BLW में प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं के साथ की बैठक ,कहा 5 साल के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर ही मिलेगा बीजेपी में टिकट

वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 की अधिसूचना अभी जारी नहीं की गई है. ऐसे में जहां सभी दल आत्मचिंतन में लगे हुए हैं वहीं भाजपा चुनावी तैयारियों पर मंथन में लगी हुई है.

ऐसे में वाराणसी में प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय दौरे के दुसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की मौजूदगी में भाजपा के शीर्ष नेताओं की एक अहम बैठक बरेका में ली. इस दौरान उन्होंने उम्मीदवारी के लिए सख्ती से भाई-भतीजावाद और पैरोकारी को दरकिनार करने की बात कही और 5 साल के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर टिकट बंटवारे की बात हुई है.पार्टी के शीर्षनेताओं की माने तो इस बैठक में प्रधानमंत्री ने जीत का मन्त्र देते हुए दू-टूक कहा कि सांसदों और विधायकों से लेकर जो भी जनप्रतिनिधि हैं वह लगातार जनता के बीच बने रहें। संगठन के लोग अपनी अलग उपस्थिति बरकरार रखें. अपने क्षेत्र की जनता से रोजाना संवाद की कड़ी टूटना नहीं चाहिए.

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद जहां प्रधानमंत्री ने देर रात काशी को निहारा वहीं अल सुबह पार्टी के प्रधान मेंटर की तरह लगातार बैठकें कर रहे हैं. पहली बैठक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव -2022 को लेकर की जिसमे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बीएल संतोष, स्वतंत्रदेव सिंह सहित शीर्षनेता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे.

इस दौरान उन्होंने संगठन के नेताओं से कहा कि भाजपा के विधायक और सांसद अपने क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर खुद को फोकस करें. देखें कि कहां किस काम में किस वजह से देरी हो रही है. जो भी अड़चन आ रही है उसके लिए प्रशासन और शासन के स्तर पर भागदौड़ कर दूर कराएं. विकास परियोजनाएं लंबित नहीं रहनी चाहिए. सड़क, बिजली, पानी और आवास जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित जनता की समस्या की अनदेखी कतई न करें. जनसमस्याओं का समाधान ही नेता के सदन तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जीत का मंत्र देते हुए कहा कि सांसदों और विधायकों से लेकर जो भी जनप्रतिनिधि हैं वह लगातार जनता के बीच बने रहें. गांवों, कस्बों, मुहल्लों और कॉलोनियों में छोटी-छोटी चौपालें आयोजित कर प्रदेश और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताने के साथ ही विजन के बारे में भी बताएं. सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर सक्रिय रहें. विपक्षी दलों के नेताओं से होने वाली गलतियों पर पैनी नजर रखते हुए संयमित तरीके से उसे जनता के बीच ले जाएं.

बैठक हुई खत्म PM ने मुखमंत्रियो को वाराणसी मॉडल पर कार्य करने का दिया टिप्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार सुबह 10 बजे से BLW प्रशासनिक भवन में शुरू हुई मुख्यमंत्री परिषद की बैठक खत्म हो गई है. इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सुशासन पर जोर दिया और सभी को बनारस को विकास मॉडल बनाने का सुझाव दिया.

बैठक के दौरान सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेशों के विकास मॉडल का प्रजेंटेशन दिया.इसके अलावा जिन राज्यों में आने वाले दिनों में चुनाव होने हैं उनके लिए भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण टिप्स दिए.

वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री ने अपने दो दिवसीय दौरे के दुसरे दिन जहाँ सुबह पार्टी के पदाधिकारियों संग UP चुनाव को लेकर बैठक की वहीं सुबह 10 बजे से लेकर 2 बजे तक प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा शासित प्रदेशों के 12 सीएम मौजूद रहे. इस बैठक के बारे में कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने गुड़ गवर्नेंस पर जोर दिया है और सुशासन की बता की है.

इसके अलावा उन्होंने सभी प्रदेशों में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के सम्बन्ध में भी जानकारी ली और उनसे योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन करने का सन्देश दिया.इसके अलावा आने वाले दिनों में जिन राज्यों में चुनाव है. उन्हें वाराणसी का विकास मॉडल अपनाने और उसपर कार्य करने की बात कही.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, त्रिपुरा से विप्लव देव, हरियाणा से मनोहर लाल खट्टर, हिमाचल से जयराम ठाकुर, कर्नाटक से बासवराज बोम्मई, असम के हेमंत विश्वा शर्मा, गुजरात के भूपेंद्र भाई पटेल, अरुणाचल के पेमा खांडू, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मणिपुर के एन विशेन सिंह शामिल हैं. उपमुख्यमंत्रियों में बिहार से तारकेश्वर प्रसाद व रेनू देवी, उत्तर प्रदेश से केशव प्रसाद मौर्य व दिनेश चंद्र शर्मा, नागालैंड से यथंगोपट्टन, त्रिपुरा जिष्णुदेव शर्मा, अरुणाचल से चोनामीन हैं.

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