वाराणसी आस्थाओं पर चोट लगाते हैं वाटर पार्क के लोग.

कालीशंकर उपाध्याय

वाराणसी.एक तरफ देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वाराणसी से दो बार सांसद रह चुके हैं और दूसरी बार प्रधानमंत्री भी रहे हैं और अभी हैं. और लगातार विकास करते जा रहे हैं. विकास की जितनी योजनाएं हैं .वाराणसी के लिए लगातार ला रहे हैं वहीं दूसरी तरफ वाराणसी एक धार्मिक नगरी है जिसे लोग भगवान शिव के नाम से जानते हैं और भगवान शिव के नाम से काशी को पूजा भी जाता है और मां गंगा जी का भी यहां वास होता है लेकिन जहां धार्मिक नगरी है वहीं पर ही अगर अधर्म की बात हो तो आप क्या कहेंगे नरेंद्र मोदी ने 8 जिलों को जोड़ने के लिए रिंग रोड बनाया और रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट पूर्वांचल में पहली बार बने लेकिन रिंग रोड पर ही अगर काशी की आस्था पर चोट लगे तो यह प्रधानमंत्री के लिए असहनीय दर्द होगा जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वाराणसी या यूं कहें कि पूरे देश का विकास किया वह सराहनीय था लेकिन कुछ अराजक तत्व रिंग रोड पर स्विमिंग पूल के नाम पर जिस तरह से अंडर एज बच्चों को मदिरापान और धुएं से संबंधित नशे करा रहे हैं यह कहीं न कहीं बहुत ही बड़ा निंदनीय है. स्थानीय थाने क्यों मूक बधिर बनी है यह भी एक बहुत बड़ा विषय है .

जिस तरह से काशी धार्मिक नगरी है और प्रधानमंत्री जी ने विश्वनाथ कॉरिडोर से लेकर जितने भी धार्मिक विकास कर रहे हैं या यूं कहें कि जितने भी घाट हैं प्रधानमंत्री जी ने उसका जीर्णोद्धार कराया है. लेकिन यह जो स्विमिंग पूल वाले वाटर पार्क वाले लोग हैं यह युवाओं को किस तरीके से बर्बाद कर रहे हैं. अगर स्थानीय प्रशासन इस पर थोड़ा सा भी नजर डाल दे तो इस पर युवा पीढ़ी बर्बाद होने से बच सकता है रिंग रोड सिंधोरा मार्ग स्थित ऐसे वाटर पार्क है जहां पर युवा एकदम नशे में भूत रहते हैं और किस तरीके से वार्तालाप करते हैं यह कभी स्थानीय प्रशासन पहुंचकर भी देख सकती है.

सूत्रों की माने तो आए दिन वहां पर कुछ न कुछ घटनाएं होती रहती हैं लेकिन पता नहीं किस दबाव में स्थानीय प्रशासन ऐसे जगह पर पहुंचकर युवाओं को सतर्क नहीं करती है यह बहुत बड़ा निंदनीय कार्य है अब देखना यह है कि कब तक ऐसे वाटर पार्क में युवाओं के भविष्य बिगड़ते रहेंगे या सुधर ते रहेंगे.