श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर निर्माण एवं वैश्विक एकात्मकता” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

वाराणसी. पं. दीनदयाल उपाध्याय पीठ, सामाजिक विज्ञान संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के तत्वावधान में बुधवार को “श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर निर्माण एवं वैश्विक एकात्मकता” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं अमृत महोत्सव सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश. के धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री डॉ नीलकण्ठ तिवारी ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि ” कॉरिडोर निर्माण का संदेश वैश्विक है. यह काशी के वैभव को नई चमक प्रदान करेगी.उत्तर प्रदेश सरकार अपने यहां के सभी प्रमुख प्राचीन मंदिरों को विश्व के सबसे सुंदर और दिव्यतम मंदिरों में सम्मिलित करने हेतु प्रयासरत है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग से महात्मा गाँधी और पं. मदनमोहन मालवीय के उस सपने को साकार किया, जिसे 1916 में विश्वनाथ मंदिर का भ्रमण करते समय देखा था.

उन्होंने कहा कि विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर के निर्माण में स्कन्ध पुराण द्वारा वर्णित किसी भी पुरातन देव विग्रह को नुकसान नहीं पहुँचाया. सभी विग्रह को सजा कर नये कलेवर में प्रतिष्ठित किया गया है. विश्वनाथ धाम के निर्माण में काशी की सांस्कृतिक परम्परा को ध्यान में रखा गया. यह काशी के लोगों की उदारता है कि उनके उत्साह और सहयोग से काशी विश्वनाथ मंदिर का भव्य तय रूप सामने आया है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी.

मुख्य अतिथि रूप में गंगा महासभा के स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने कहा कि कॉरिडोर निर्माण सनातन धर्म की पुनर्स्थापना के यज्ञ में महत्वपूर्ण आहुति है. व्यष्टि परमेष्ठी के एकाकार का आध्यात्मिक प्रतीक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आज अपने नए स्वरूप में दिखा रहा है यह दीनदयाल जी के विचारों का ही प्रतिपुष्टन है” विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर ने निर्माण में देश भर के संतों का समर्थन प्राप्त है.

कार्यक्रम में डी.ए.वी. कालेज के प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह को पं. दीनदयाल उपाध्याय, अमृत महोत्सव सम्मान से सम्मानित किया गया. पं. दीनदयाल पीठ के 75 कर्मवीरों के सम्मान की घोषणा में यह पाँचवों सम्मान था. डॉ. सत्यदेव सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह सम्मान शिक्षा के प्रति मेरी तपस्या का पं. मदन मोहन मालवीय जी का आर्शीवाद है. ततपश्चात कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सत्यदेव सिंह ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता का आंदोलन जिस स्व के उत्थान के लिए था उसका स्पष्ट दर्शित रूप यह कॉरिडोर है. यह भारत के स्वाभिमान के प्रतीक को भव्यता प्रदान कर सांस्कृतिक प्रवाह को सतत रखने का अभिनव कार्य है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री नीरज त्रिपाठी ने कहा कि पीठ द्वारा दिये जा रहे कर्मवीरों के सम्मान से देश में युवाओं को कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी. विषय स्थापना एवं स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने किया. इस कार्यक्रम में श्री अशोक पाण्डेय, अरविंद मिश्र, जितेन्द्रनाथ मिश्र, विवेक शंकर तिवारी और विजय शंकर रस्तोगी ने अपने विचार रखे. संचालन अनूप कुमार मिश्र ने किया कार्यक्रम में पतंजलि पाण्डेय, शुभम मिश्र, रणजीत कुमार दूबे, आशीर्वाद दूबे, अभय प्रताप सिंह, पल्लव सुमन, पुनित मिश्र, भाष्कर, प्रशांत, शिवेन्द्र, आदित्य आदि उपस्थित रहे.

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