वाराणसी कोर्ट में पूरी हुई ज्ञानवापी मामले की सुनवाई, फैसला सुरक्षित

ज्ञानवापी मस्जिद मामले की नई सुनवाई आज वाराणसी जिला अदालत में संपन्न हो गई है. गौरतलब है कि जिला जज अजय कुमार विश्वेश की अदालत ने आज 3 याचिकाओं पर सुनवाई की. कोर्ट इस मामले में कल अपना फैसला सुनाएगी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुस्लिम और हिंदू पक्षों को सुना. इस बीच खबर है कि हिंदू पक्ष ने वीडियोग्राफी सर्वे की कॉपी मांगी. इससे पहले 20 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जटिलता को देखते हुए मामले को वाराणसी के जिला जज को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था.

हिंदू पक्ष की याचिकाएं

1. ज्ञानवापी परिसर में श्रृंगार गौरी की नित्य पूजा की अनुमति

2. मस्जिद के वजूखाना में मिले ‘शिवलिंग’ की पूजा की इजाजत

3. ‘शिवलिंग’ के नीचे वाले कमरे में जाने वाले रास्ते से मलबा हटाना

4. ‘शिवलिंग’ की लंबाई और चौड़ाई जानने के लिए सर्वे

5. वैकल्पिक वजूखाना का प्रावधान

मस्जिद समिति की याचिका

1. वजुखाना की सीलिंग नहीं

2. ज्ञानवापी सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए, पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के संदर्भ में मामला

ज्ञानवापी विवाद

1991 में वाराणसी की एक अदालत में दायर एक याचिका में दावा किया गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के आदेश पर 16 वीं शताब्दी में उनके शासनकाल के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के एक हिस्से को ध्वस्त करके किया गया था.याचिकाकर्ताओं और स्थानीय पुजारियों ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पूजा करने की अनुमति मांगी. वर्तमान विवाद तब शुरू हुआ जब पांच हिंदू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर श्रृंगार गौरी और अन्य मूर्तियों की नियमित पूजा करने की मांग की. पिछले महीने, वाराणसी की एक अदालत ने पांच हिंदू महिलाओं द्वारा परिसर की पश्चिमी दीवार के पीछे पूजा करने की याचिका दायर करने के बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश दिया था.