आर्केस्ट्रा में नहीं किया डांस तो, पति ने फ़ोन पर दिया ‘तीन तलाक’, वाराणसी के लंका थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

सरकार द्वारा तीन तलाक कानून खत्म किए हुए एक लम्बा अरसा हो गया है. लेकिन कुछ लोग इसे अभी भी मानने को तैयार नही हैं. उनके लिए तीन तलाक जैसे अल्लाह की दी हुई वह रहमत है, जैसे वह कभी खत्म ही नहीं होगी. ऐसा ही एक मामला वाराणसी में देखने को मिला है. जहां महिला को दहेज़ की मांग पूरी न होने के कारण आर्केस्ट्रा में डांस करने व देह व्यापार के लिए दबाव बनाया गया. साथ ही मांग न पूरी होने पर उसे मारपीट कर मोबाइल पर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया. जिसकी शिकायत वाराणसी के लंका थाने में की गई है.

चांदनी बेगम उर्फ गुड़िया की शादी 22 अक्टूबर 2007 को मुंगरा बादशाहपुर जिला जौनपुर के रहने वाले नसीम अहमद के साथ हुई थी. शादी के बाद से ही दहेज़ के लिए ताना देते हुए उसके पति नसीम अहमद, सास – तारा बेगम, ननद परवीन बेगम व रूमा द्वारा मानसिक व शारीरिक यातनाएं दी जाती रही. पीड़िता का पति नगर पालिका में काम करने के साथ ही आर्केस्ट्रा चलता है. पीड़िता तमाम यातनाएं सहते हए दो पुत्र समीर अहमद 13 वर्ष, आशिफ़ 7 वर्ष व एक पुत्री आयत 4 वर्ष को जन्म दी. ससुराल में रुपयों के लिए लगातार दी जा रही यातनाओं व आर्केस्ट्रा में डांस करने के साथ ही देह व्यापार के लिए पीड़िता पर दबाव बनाया जाता रहा. जिस कारण पीड़िता के मायके वालों द्वारा पीड़िता के पति को दो लाख रुपया देने के साथ ही हर माह 5 हज़ार रुपया दिया जाता रहा. ताकि उसके ससुराल वाले पीड़िता को प्रताड़ित न कर सके. लगभग 2 साल पहले पीड़िता की माँ की मृत्यु हो गयी जिस कारण मायके से पीड़िता के पति नसीम अहमद को रुपया मिलना बंद हो गया. जिस कारण आग बबूला होकर पति समेत ससुराल के लोग आए दिन पीड़िता को मारते पीटते थे व अक्सर घर से निकाल दिया करते थे.

माह अगस्त 2021 को भी पीड़िता के पति द्वारा रुपयों की लालच में पीड़िता पर आर्केस्ट्रा में डांस करने व देह व्यापार करने का दबाव बनाया गया. पीड़िता द्वारा इंकार करने पर मार पीटकर बच्चों के साथ उसे घर से निकाल दिया गया. जिस कारण वह मायके आकर किराए का मकान लेकर रहने लगी. 27 दिसम्बर 2021 को अपना व अपने बच्चों के भविष्य के बाबत सोचकर जब उसने अपने पति को मोबाइल से कॉल कर बात करना चाहा तो, पीड़िता के पति नसीम अहमद ने मोबाइल पर ही भला-बुरा कहते हुए तीन तलाक दे दिया. जिसकी शिकायत पीड़िता द्वारा थाना लंका पर किया गया लेकिन उस समय मुकदमा नही लिखा गया. तदुपरांत पीड़िता मुस्लिम राष्ट्रीय मंच काशी प्रान्त के सह संयोजक ताज मोहम्मद एडवोकेट से मिलकर सारी बात बताई तो उन्होंने लंका थानाध्यक्ष से बात करने के साथ ही पुलिस कमिश्नर वाराणसी से शिकायत की. जिस कारण क्षेत्राधिकारी के आदेश पर दिनांक 21 जनवरी 2022  को पीड़िता के पति नसीम अहमद, सास तारा बेगम, ननद परवीन बेगम व रूमा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया.

तीन तलाक की यह घटना अत्यंत दुखद

उक्त संदर्भ में पीड़िता की न्याय की लड़ाई में सहयोग प्रदान कर रहे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच काशी प्रान्त के सह संयोजक ताज मोहम्मद एडवोकेट से बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक समेत तमाम समस्याओं व यातनाओं से निजात दिलाने के साथ ही उनके हक व अधिकारों को संरक्षित करने के लिए ही यह सराहनीय कानून बनाया गया है. जिसकी तारीफ सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय द्वारा किया गया. आज मुस्लिम महिलाएं उक्त कानून के बल पर अपने हक़ व अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रही है. प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में तीन तलाक की यह घटना अत्यंत दुःखद है. ताज मोहम्मद एडवोकेट ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने की प्रधानमंत्री जी की संकल्पना को सार्थक करने के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आगे आकर पीड़िता चांदनी बेगम की लड़ाई लड़ रहा है व आगे भी हर तरह से उक्त लड़ाई लड़ने को तैयार है. उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि अविलंब अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए.

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