ज्ञानवापी पर हिन्दू पक्ष के लिए अच्छी खबर: मुस्लिम पक्ष की आपत्ति ख़ारिज, कोर्ट ने कहा, “हिदुओं का मुकदमा सुनने योग्य”

ज्ञानवापी मसले पर हिन्दुओं के लिए एक अच्छी खबर है. ज्ञानवापी विवाद से जुड़े एक मामले में मुस्लिम पक्ष की आपत्ति को वाराणसी की सिविल कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मुस्लिम पक्ष द्वारा आपत्ति जताई गई थी कि ज्ञानवापी मस्जिद पर हिन्दुओं को कब्ज़ा सौंपने सहित अन्य 3 मांगों से जुड़ा यह मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं हैं. हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुस्लिम पक्ष की आपत्ति को ख़ारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि यह मसला सुनने योग्य है. मुस्लिम पक्ष की ओर से अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल करते हुए कहा था कि हिन्दुओं की अर्जी सुनने योग्य नहीं है.

मुकदमा है सुनने योग्य: सिविल कोर्ट

कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात् इस आपत्ति को खारिज करते हुए यह आदेश दिया है कि यह मुकदमा सुनने योग्य है. गुरुवार को ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपने सहित तीन मांगों से संबंधित मुकदमे की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार पांडेय की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई.

अगली सुनवाई 2 दिसंबर को

जिन तीन मांगों पर सुनवाई होनी थी, वह मुकदमा विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन की पत्नी किरन सिंह विसेन और अन्य ने दाखिल किया है. इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल की थी. कमेटी ने कहा था कि किरन सिंह विसेन की यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. अदालत ने सुनवाई की अगली डेट 2 दिसंबर फिक्स की है. इससे पहले इस मुकदमे के संबंध में कोर्ट ने 17 नवंबर की डेट फिक्स की थी.