ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: न्यायालय की टीम द्वारा परिसर की हुई वीडियोग्राफी, मस्जिद के बाहर विरोध में लगे नारे

श्रृंगार गौरी मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के सिलसिले में शुक्रवार को कोर्ट द्वारा नियुक्त टीम द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कराया जा रहा है. वाराणसी में काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर का वीडियो ग्राफिक सर्वेक्षण और निरीक्षण शुक्रवार दोपहर 3 बजे से शुरू हुआ. वीडियोग्राफी सर्वेक्षण और निरीक्षण के खिलाफ शुक्रवार को सैकड़ों मुसलमानों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद वाराणसी में तनाव बढ़ गया है.

भारी पुलिस तैनाती के बीच संपन्न हुआ सर्वे

सूत्रों के अनुसार सर्वेक्षण के लिए दोपहर में स्थान पर पहुंची अदालत द्वारा नियुक्त टीम को मुसलमानों के विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि, परिसर में भारी पुलिस तैनाती के बीच सर्वे टीम ने अपना काम शुरू कर दिया. सर्वेक्षण का समापन कल होगा. स्थानीय प्रशासन ने भी कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए आसपास के इलाकों में भारी पुलिस दल तैनात किया है. विशेष रूप से, अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद, मस्जिद के प्रबंधन ने घोषणा की थी कि वह स्थानीय अदालत के आदेश का विरोध करेगी और ‘गैर-विश्वासियों’ को मस्जिद में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देगी.

ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन ने किया विरोध

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा, “हम वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण के लिए किसी को भी मस्जिद में प्रवेश नहीं करने देंगे. ज्ञानवापी मस्जिद की प्रबंध समिति अदालत के इस फैसले का विरोध करेगी. इस फैसले का संवैधानिक रूप से विरोध किया जाएगा.” अगस्त 2021 में वाराणसी में स्थानीय अदालत में याचिका दायर कर माँ श्रृंगार गौरी स्थल पर दैनिक दर्शन और पूजन की अनुमति मांगी गई थी.

6 और 7 मई को सर्वे, 10 को अगली सुनवाई

वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने इस साल 26 अप्रैल को काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर और अन्य जगहों पर मंदिर के एडवोकेट कमिश्नर को ईद के बाद वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने सर्वे और निरीक्षण के लिए अधिवक्ता अजय कुमार को नियुक्त किया था. कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर को 10 मई को अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट देने को कहा है. कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 6 और 7 मई को मस्जिद परिसर के अंदर वीडियोग्राफी और सर्वे कराया जाएगा. कोर्ट ने कहा था कि एडवोकेट कमिश्नर और पक्षकारों के अलावा कार्यवाही के दौरान एक सहयोगी भी मौजूद रह सकता है.