Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले की सुनवाई हुई पूरी, 12 सितंबर को जिला जज वाराणसी सुनाएंगे अपना फ़ैसला

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद मामले में जिला जज वाराणसी अब 12 सितंबर को सुनायेंगे अपना फैसला. दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई है. अब 12 सितंबर को फैसला सुनाया जाएगा. ज्ञानवापी केस की सुनवाई के दौरान औरंगजेब की भी एंट्री हो गई है. कागज मांगने पर मस्जिद पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि मस्जिद की जमीन औरंगजेब की संपत्ति है.

मां शृंगार गौरी केस की वादिनी महिलाएं अपने एडवोकेट विष्णु शंकर जैन के साथ

मस्जिद कमेटी ने रखा अपना पक्ष

मस्जिद कमेटी की बहस का सार यही रहा कि ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ की संपत्ति है. इसलिए ज्ञानवापी मस्जिद से संबंधित मसले की सुनवाई का अधिकार सिविल कोर्ट को नहीं बल्कि वक्फ बोर्ड को है. देश की आजादी के दिन ज्ञानवापी मस्जिद का जो धार्मिक स्वरूप था, वह आज भी है. उसका धार्मिक स्वरूप अब बदला नहीं जा सकता है. इसलिए शृंगार गौरी केस मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है.

जवाबी बहस में वादिनी महिलाओं ने कही ये बात

उधर, जवाबी बहस के प्रति उत्तर में वादिनी महिलाओं की ओर से कहा गया कि आलमगीर मस्जिद के कागजात पेश कर मुस्लिम पक्ष उसे ज्ञानवापी मस्जिद का बता रहा है. मुस्लिम पक्ष द्वारा ज्ञानवापी को वक्फ की संपत्ति बताकर धोखाधड़ी की जा रही है. देश की आजादी के दिन से लेकर वर्ष 1993 तक मां शृंगार गौरी की पूजा होती रही है. मां शृंगार गौरी की पूजा पर तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव की सरकार ने अचानक और अनायास ही प्रतिबंध लगाया था. इसलिए शृंगार गौरी का मुकदमा सुनवाई योग्य है.

फिलहाल, दोनों पक्ष की बहस खत्म हो चुकी है. जिला जज की अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 12 सितंबर नियत की है.