विश्व ऑटिज्म दिवस पर मानसिक दिव्यांग बच्चों ने जताई आसमान छूने की तमन्ना

वाराणसी. आजादी के अमृत महोत्सव पर एवं विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के पावन पर्व पर लाल बहादुर शास्त्री बाबतपुर एयरपोर्ट पर मानसिक दिव्यांग बच्चों द्वारा विमानतल का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, देवा इंटरनेशनल सोसायटी फॉर चाइल्ड केयर विमानपत्तन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मानसिक दिव्यांग बच्चों ने एयर ट्रेफिक कंट्रोल तथा जहाज की बारीकियों को अच्छे से देखा, यह बच्चे विमान को देखकर अत्यंत प्रसन्न व हर्षित हुए तथा उड़ने की भी इच्छा जताई एयरपोर्ट डायरेक्टर आर्यमा सन्याल जी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में जल्दी ऐसे बच्चों को विमान से सैर कराने का प्रयास किया जाएगा.

इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारा विमानतल ऐसेh पवित्र आत्माओं के आगमन से पवित्र हो गया, एक दिव्यांग बच्चे ईश्वर के अवतार होते हैं तथा दिव्यांगता का कार्य ईश्वरीय कार्य है इस कार्य में लगे सभी लोगों को हमारी शुभकामनाएं, केंद्रीय सलाहकार बोर्ड, भारत सरकार के सदस्य दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा ने बताया कि आत्म केंद्रित ऑटिज्म बच्चों में अत्यधिक ऊर्जा व प्रतिभा होती है आवश्यकता है इन्हें पहचान कर समाज के मुख्यधारा में लाए जाने की, वाराणसी एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आज जो कार्य किया है इसके लिए बधाई के पात्र हैं ऐसे बच्चों को हमें हर स्थान पर अवसर देना चाहिए सोसायटी फॉर चाइल्ड केयर के अध्यक्ष एवं प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉक्टर तुलसीदास ने कहा की समावेशित भारत की परिकल्पना में आज एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ जिन बच्चों को आसमान में विमान की उच्चाईया दिखा करके वाराणसी की धरती से शुरू किया गया है विश्व में प्रथम बार है.

इस अवसर पर देवा सेंटर के सचिव श्री श्याम लाल जी, केंद्र की विशेष शिक्षिकाएं पूनम लाभ एवं मोनिका सिंह डॉक्टर टी एस शर्मा, आयुष आंजनेय जी, शिखा रस्तोगी जी एवं लगभग 20 की संख्या में मानसिक एवं शारीरिक दिव्यांग जन सम्मिलित थे.