पहले बनें तोप बाद में साबित हुए डीएम बलिया डरपोक : रवि आर्य

तेरे मुगलिया हुकूमत से पत्रकार नहीं रुकेंगे

विक्रम तू इंद्र भी बन जाए तो भी पत्रकार नहीं झुकेंगे.

वाराणसी. बलिया जनपद एक बार फिर 1857 की क्रांति की राह पर चल पड़ा है. इंटरमीडिएट अंग्रेजी परीक्षा पेपर लीक मामले में तीन निर्दोष पत्रकारों को डीएम बलिया द्वारा फर्जी धाराओं में फंसाकर जेल भेजा गया है जिसके चलते बलिया ही नहीं अपितु पूरे देश में बलिया प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है. बड़ी हैरानी की बात है कि जिन पत्रकारों ने बलिया प्रशासन का नकल से संबंधित खबर छापकर उनकी सहायता की तो बलिया प्रशासन ने उन्हें ही अपराधी बनाकर सलाखों के पीछे भेज दिया.

इस पर क्रमिक प्रतिक्रिया देते हुए दूरदर्शी सामाजिक समिति (एनजीओ) वाराणसी ने गोदौलिया स्थित कार्यालय पर बैठक आहुत की. बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के अध्यक्ष रवि प्रताप आर्य ने कहा है कि डीएम बलिया ने जो कुकृत्य किया है वो तीनों लोक में अछम्य है. कहा कि डीएम बागी बलिया की माटी का धैर्य की परीक्षा न लें. एक परीक्षा तो शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा नहीं पाए अब बागी माटी की धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं. जिस माटी ने अंग्रेजी हुकूमत को टिकने नहीं दिया वो अंग्रेजी पेपर लीक कराने वाले को कैसे टिकने देगी.

उपाध्यक्ष प्रदीप मौर्य ने कहा कि जिस तरीके से तोप बनकर तीन निर्दोष पत्रकारों को अपराधी की भांति उनके दफ्तर से उठवा लिए और जब इस मामले पर आपकी प्रतिक्रिया के लिए पत्रकार आपको ढूंढ रहे हैं तो आप पत्रकारों के सामने नहीं आ पा रहे हैं. पत्रकारों को अपराधी तो बना दिया लेकिन अबतक डीएम साहब की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. इससे साफ जाहिर होता है कि पहले तो तोप बनें फिर बाद में डरपोक बनें. सचिव भानु प्रताप द्विवेदी ने साफ साफ कहा है कि समय रहते डीएम बलिया होश में आ जाइए. अगर डीएम होश में नहीं आते हैं तो उन्हें जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के द्वारा होश में लाने का काम दूरदर्शी सामाजिक समिति वाराणसी करेगी.

कोषाध्यक्ष पवन चक्रवाल ने कहा कि अगर परिस्थिति सामान्य नहीं हुई तो जल्द ही वाराणसी की टीम बलिया कूच करेगी और डीएम कार्यालय का घेराव अनिश्चित कालीन करेगी. इस बैठक में सुधीर कुमार, आकाश कुमार, नवीन सिंह, शशि प्रताप , रामकृष्ण गुप्ता, रवि प्रताप के साथ अन्य लोग भी मौजूद रहे.