आवाम पार्टी ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का फूंका पुतला, कहा- इनकी वजह से बिगड़ा देश का सामाजिक संतुलन

वाराणसी. भारत में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की अवैध घुसपैठ से बढ़ रहे सामाजिक और धार्मिक असंतुलन से नाराज सुभाषवादियों ने घुसपैठियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. भारतीय अवाम पार्टी की राज्य इकाई ने लमही के सुभाष मंदिर के सामने घुसपैठियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और घुसपैठियों का पुतला फूका

इस दौरान भारतीय अवाम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नजमा परवीन ने खुद ड्रम बजाकर बांग्लादेशियों और रोहिंग्या के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. घुसपैठियों की वजह से देशभर में बढ़ रहे अपराध और हिंसा के खिलाफ भारत के हिन्दू और मुसलमानों को जागरूक करने के लिए भारतीय अवाम पार्टी के नेताओं ने ड्रम बजाया. इस अवसर पर भारतीय अवाम पार्टी के कार्यकर्त्ताओं ने घुसपैठियों को बाहर निकालो, रोहिंग्या भारत छोड़ो, बंगलादेशियों बाहर जाओ का नारा लगाया.

भारतीय अवाम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नजमा परवीन ने कहा कि देश मे छोटे रोजगार के खत्म होने, बिजली की समस्या और देश में बढ़ते अपराध के पीछे रोहिंग्या हैं, जो हमारे देश की धार्मिक और सामाजिक संतुलन को रोज बिगाड़ रहे है. देश मे बढ़ती नफरत के पीछे इन्हीं घुसपैठियों का कारनामा हैं, जो नेता इनके पक्ष में बोल रहे हैं, उनकी संपत्ति जब्त कर लेनी चाहिए. इनको बाहर नहीं निकाला गया तो मूल भारतीयों पर इनका हमला बढ़ेगा. ये सब हमसे हमारे ही संसाधनों को छीनने आये हैं, हर कीमत पर इनको बाहर निकालना होगा, जो देश मानवाधिकार के चैंपियन बन रहे हैं वो अपने देश में इन रोहिंग्या को शरण दें. भारत को बदनाम करने, धार्मिक स्थलों पर हमला करने में ये सबसे आगे हैं. झगड़ा हिन्दू मुसलमान के बीच नहीं है.

भारतीय अवाम पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश ने कहा कि ये शरणार्थी नहीं, कब्जा करने वाले शत्रु हैं. इनको बाहर का रास्ता दिखाओ. राष्ट्रीय सचिव पप्पू मिश्रा ने कहा कि भारतीय अवाम पार्टी देश के हितों के साथ समझौता नहीं कर सकती. देश के दुश्मन हमारे देश में नहीं रहेंगे. घुसपैठियों के खिलाफ पुतला दहन में प्रदेश महासचिव विजयशंकर विद्रोही, अनिल कुमार पाण्डेय, प्रदेश सचिव संजय कुमार प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष शोभनाथ प्रजापति, जिला महासचिव हरीश यादव काका, सुनीता श्रीवास्तव, पूनम श्रीवास्तव, रमता श्रीवास्तव, सरोज देवी आदि लोग शामिल रहे.