CHS में लॉटरी और मेरिट आधारित प्रवेश का ABVP ने कुलपति आवास के समक्ष किया मौन प्रदर्शन

वाराणसी. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही छात्रहित एवं समाजहित के कार्यों के प्रति समर्पित रहा है.

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बंधित सेंट्रल हिन्दू स्कूल में प्रवेश हेतु लॉटरी एवं मेरिट आधारित प्रवेश के निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विरोध करती है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि लॉटरी एवं मेरिट आधारित प्रक्रिया प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन करती है एवं विद्यार्थियों के समान अवसर के अधिकार के प्रतिकूल है.

इसी क्रम में विगत दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा केंद्रीय कार्यालय का घेराव ,हस्ताक्षर अभियान,ट्विटर ट्रेंड ,प्रतीकात्मक शव प्रदर्शन एवं बुद्धि शुद्धि यज्ञ के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के सेंट्रल हिन्दू स्कुल में प्रवेश हेतु ई लॉटरी एवं मेरिट आधारित प्रवेश के निर्णय के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया गया परन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अभी तक कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गई है.

इस सम्बंध में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई द्वारा कुलपति आवास के समक्ष विश्वविद्यालय प्रशासन मौन रह कर प्रदर्शन किया गया एवं स्कूल प्रवेश परीक्षा बहाल करने की मांग की गई. इसी के साथ ई लॉटरी एवं मेरिट आधारित प्रवेश के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया. मौन प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश दिया गया की जब विश्वविद्यालय प्रशासन इतने दिनों से विद्यार्थियों की मांग को नहीं सुन पा रहा है इस स्थिति में उन्हें मौन की ताकत का अहसास करा कर उनके फैसले का विरोध किया गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पुनः स्कूल प्रवेश परीक्षा को बहाल करने की मांग उठाई.

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के इकाई अध्यक्ष अभय प्रताप ने कहा कि “वर्षों से सेंट्रल हिन्दू स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होती थी पिछले दो वर्षों से कोरोना की परिस्थितियों के कारण यह लॉटरी एवं मेरिट आधारित प्रवेश हो रहा था. परन्तु इस वर्ष स्थिति सामान्य होने और पाबंदियों के हट जाने के बावजूद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्कूल में प्रवेश लॉटरी एवं मेरिट के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है जो पूर्ण रूप से विद्यार्थियों की प्रतिभा के विरुद्ध है. विगत तीन सप्ताह से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय का विरोध कर रही है. सेंट्रल हिन्दू स्कूल में पढ़ने के इछुक प्रतिभावान छात्र अपना हक माँग रहे हैं परन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी आवाज़ को नहीं सुन रहा।इसी कारण आज मौन रह कर विश्वविद्यालय प्रशासन तक हमें अपना विरोध दर्ज कराना पड़ रहा है. सीएचएस में प्रवेश परीक्षा बहाल करने हेतु आंदोलन निरंतर चलता रहेगा.”

प्रदर्शन के दौरान परिषद के इकाई सह मंत्री शिवेंद्र पांडेय ने कहा कि ” विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक तरफा निर्णय ले कर हज़ारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी करते हैं. मेरिट एवं लॉटरी आधारित प्रवेश प्रतिभावान विद्यार्थियों की प्रतिभा की हत्या के समान है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय का अंतिम दम तक विरोध करेगी. विश्वविद्यालय प्रशासन एक बहरे व्यक्ति की भांति इतने दिनों से विद्यार्थियों की आवाज़ को नजरअंदाज कर रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन के इस रवैये के विरुद्ध आज हम सभी कार्यकर्ता मौन धारण कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.”

प्रदर्शन के दौरान सौरभ राय,अधोक्षज पांडेय,आदित्य तिवारी,पल्लव सुमन,भास्करादित्य त्रिपाठी,अभिनायक मिश्रा,शशिनाथ,आदित्य तिवारी,शिवेंद्र शाही,विपुल सिंह,दीपक,अश्वनी मिश्र,आलोक,ब्रजेन्द्र ,करण यादव,आशुतोष,आदि बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे.