ABVP ने किया तमिलनाडु सरकार का विरोध “लगाया मिशनरियों पर धर्मांतरण कराने का आरोप”, निष्पक्ष जांच की मांग

वाराणसी. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल से ही छात्रहित एवं समाज हित हेतु कार्य करते आ रही है.काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भी विद्यार्थी परिषद समय समय पर छात्रहित के मुद्दों एवं सुगम सुचारू पठन पाठन हेतु वर्ष भर प्रयासरत रहती है. इसी के साथ परिषद समय समय पर समाज एवं राष्ट्र हित से जुड़े मुद्दे भी उठाती आ रही है.

इसी क्रम में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रांत द्वारा तमिलनाडु के तंजावुर में ईसाई मिशनरियों द्वारा बनाए गए दबाव एवं प्रताड़ना से तंग आ कर छात्रा लावण्या की आत्महत्या प्रकरण के विरोध में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित सिंह द्वार पर तमिलनाडु सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान मृत छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की गई. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने तमिलनाडु सरकार पर आरोपी ईसाई मिशनरियों को बचाने एवं जबरन धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए जम कर नारेबाजी की. इस दौरान मृत छात्रा लावण्या की आत्मा की शांति हेतु मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई.

प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय मंत्री सुश्री साक्षी सिंह जी ने कहा कि “सेक्रेड हार्ट्स हाई स्कूल, तंजावुर, तमिलनाडु की छात्रा  लावण्या की आत्महत्या से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हमारे देश का पूरा युवा बेहद सदमे और पीड़ा में है. यह हमें क्रोध दिलाता है कि लावण्या को ईसाई मत में जबरन मतांतरण के प्रयास के कारण हुई भयावहता के कारण अपना जीवन समाप्त करना पड़ा. जिसकी उसने अचेत अवस्था में रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में गवाही भी दी थी. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं किया है. इस पर प्रकाश डालते हुए , और देश भर में कई मिशनरी स्कूलों के तत्वावधान में चल रहे बड़े पैमाने पर मतांतरण का संज्ञान लेते हुए, एबीवीपी मांग करती है की इस प्रकार की घटनाओं एवं साजिशों पर तत्काल रोक लगाई जाए.”

प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के इकाई मंत्री पुनीत मिश्र ने कहा कि “तमिलनाडु सरकार को शर्म आनी चाहिए कि एक मासूम छात्रा को धर्म परिवर्तन के दबाव में आत्महत्या करनी पड़ी. इस प्रकार की जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं पिछले कई दिनों से प्रकाश में आ रही हैं।कुछ राजनीतिक पार्टियां ऐसे जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाले तत्वों को चंद वोटों के लिए संरक्षण देती हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. छात्रा लावण्या ने जो बलिदान दिया है वह व्यर्थ नहीं जाना चाहिए इसकी ज़िम्मेदारी हम सभी की है. इस कृत्य के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद न्याय की अंतिम चौखट तक लावण्या और उसके परिवार के साथ खड़ी रहेगी”.

प्रदर्शन के दौरान प्रान्त सह मंत्री शुभम सेठ ने कहा कि “लावण्या को इंसाफ दिलाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश भर में आवाज़ उठा रही है. हमारी स्पष्ट माँग है कि इस प्रकार जबरन मत परिवर्तन कराने वाले लोगों पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए एवं इस प्रकार के कृत्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए. तमिलनाडु की घटना एवं घटना के उपरांत मृत्यु से पूर्व छात्रा का बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह किस प्रकार की प्रताड़ना का इस्तेमाल मासूम लोगों पर करते हैं. हम माँग करते हैं कि इस घटना में संलिप्त स्कूल पर भी सख्त कार्यवाही हो और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए” .

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की कार्यकर्ता अंचल पांडेय ने कहा कि “यह कितना दुःखद है कि छोटी सी उम्र में लावण्या को किस प्रकार की मानसिक प्रताड़ना दी गई की उसने अपना जीवन खत्म करने जैसा कदम उठाया. यह घटना आत्महत्या नहीं हत्या के समान है एवं दोषियों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना रोकी जा सके” .

प्रदर्शन के दौरान प्रान्त सेवा कार्य प्रमुख सौरभ राय ,सर्वेश ,पायल राय,अंचल,आदित्य वर्धन,आलोक कुमार,आस्था पटेल,वैभव,हर्षिता गुप्ता,आकाश सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे.

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