Varanasi: जैन धर्म का अनुयायी बनकर उचक्कों ने ज्वेलरी की दुकान से किया फ्रॉड, 3 हजार रुपए देकर ले उड़े लाखों के गहने

स्वर्णकारों के साथ अन्याय होना कोई नई बात नहीं है. अब तो जैसे उन्हें इसकी आदत सी पड़ गई हो. आए दिन राज्य के किसी न किसी हिस्से में लूट, छिनैती अथवा चोरी की घटनाएँ सुनने को मिलती हैं. ताजा मामला वाराणसी के जैतपुरा क्षेत्र का है. जहां, जैन धर्म का अनुयायी बनकर उचक्कों ने सुनार के दुकान पर लाखों रुपयों का सेंध लगा दिया.

वाराणसी के जैतपुरा में मंगलवार की दोपहर एक उचक्का खुद को जैन धर्म का अनुयायी बता कर एक सराफा कारोबारी की दुकान से लगभग दो लाख रुपए मूल्य के सोने के जेवर लेकर भाग निकला. उचक्के की करतूत दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है. सराफा कारोबारी की सूचना के आधार पर जैतपुरा थाने की पुलिस उचक्के और उसके साथी की तलाश शुरू कर दी है.

अंगूठी के लिए रखी ये शर्त

औसानगंज में नीरजानंद उर्फ जग्गू सेठ की आभूषण की पुरानी दुकान है. नीरजानंद के अनुसार दोपहर के दौरान स्कूटी सवार दो लोग उनकी दुकान के सामने आकर रुके. उनमें से एक स्कूटी से उतर कर दुकान में आया. उसने कहा कि वह जैन धर्म का अनुयायी है. उसे अपने जैन मुनि के लिए सोने की अंगूठी लेनी है.

अंगूठी ऐसी होनी चाहिए जो किसी ग्राहक ने छुई न हो. दुकान के स्टाफ ने उचक्के को एक डिब्बे में रखी हुई कुछ अंगूठी दिखाई. इस पर उचक्के ने लगभग 3 हजार रुपए एडवांस दिया और कहा कि इन अंगूठियों को अलग कर दीजिए. जैन मुनि अभी आएंगे और पसंद करके अंगूठी फाइनल करेंगे. इसी बीच वह चालाकी से 43 ग्राम सोने के जेवर अपने पीछे की जेब में डाल लिया और कहा कि थोड़ी देर में वह जैन मुनि को लेकर दुकान पर आएगा.

सीसीटीवी के आधार पर आरोपी किए जाएंगे चिन्हित

दुकान से उचक्के के जाने के बाद नीरजानंद अपने आभूषणों का मिलान कर रखने लगे तो उन्हें शंका हुई. उन्होंने मिलान किया तो पता लगा कि 43 ग्राम सोने के जेवर गायब हैं. आनन-फानन उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखा तो उचक्के की करतूत समझ में आ गई. घटना की सूचना जैतपुरा थाने की पुलिस को दी गई. जैतपुरा थाने की पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है.