जलती हुई चिता को पानी डालकर बुझाया, परिजनों ने शव सड़क पर रख लगाया जाम

कई बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों में आपने शव को चिता से उठाते देखा होगा. लेकिन ऐसा एक मामला छत्तीसगढ़ में देखने को मिला है. जहां, श्मशान घाट पर जलती हुई चिता को एक समाज के लोगों ने पानी डालकर अपमानित तरीके से बुझा दिया. जिसके बाद वहां बवाल मच गया.
एक तरफ जहां लोगों ने पानी डाल कर अपमान किया तो वहीं दूसरी ओर दूसरे समाज के लोगों का आक्रोश भड़क गया. परिजनों ने चिता को सड़क पर रखकर बाराद्वारा-जैजैपुर मार्ग पर जाम लगा दिया.

मामला बुधवार का है. जहां प्रदीप पाटले नाम के 24 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. परिजन पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान घाट ले कर गए. लेकिन बारिश होने के कारण उन्हें दूसरे समाज के गांव में जाना पड़ा. इस बात से दूसरे समाज के लोगों ने बीच जलती चिता में पानी डाल दिया. आरोप है कि उसी समय दूसरे समाज के लोग वहां एकत्र हो गए और हंगामा कर दिया. उन्होंने गालियां देते हुए जलती चिता से शव को बाहर खींच लिया. आरोप है कि दूसरे समाज के लोगों ने चिता में पानी डाल दिया और शव को लात से मारकर अपमानित किया. इस पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोग आक्रोशित हो गए. उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. हंगामे के चलते करीब 20 घंटे बाराद्वार-जैजैपुर मुख्य मार्ग बंद रहा.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देर रात से शुरू हुए इस हंगामा में कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद ही मामला शांत हुआ. प्रशासन ने जाम खुलवाने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराया. युवक प्रदीप के पिता की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच जगदीश उरांव सहित 9 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है. सभी आरोपी फरार हो गए थे. लगातार बढ़ रहे हंगामे और तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने टीम बनाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.