“बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ नैतिक कर्तव्यों का बोध कराना आवश्यक है”, स्वर्णकार समाज के सम्मान समारोह में बोले डॉ० विनय कुमार वर्मा

स्वर्णकार समाज के ओर से पीडीडीयू नगर में बुधवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें केरल के डेस्प्रिंन क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी के ओर से ‘ऑनरेरी पीएचडी इन सोशल वर्क’ सम्मान से सम्मानित होकर चंदौली जनपद वापस आने पर डॉ० विनय कुमार वर्मा का स्वागत व अभिनंदन किया गया. इस अवसर पर स्वर्णकारों में अत्यंत हर्ष का माहौल रहा.

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विनय वर्मा के सोशल वर्क की काफी सराहना की. लोगों ने कहा कि विनय वर्मा के ऑनरेरी पीएचडी सम्मान व डॉक्टरेट की उपाधि मिल जाने से स्वर्णकार समाज अत्यंत गौरवान्वित हुआ है. इन्होंने चेतना मंच के माध्यम से जो सोशल वर्क किया है, उससे काफी लोगों को मदद मिली है. इससे हम सभी को अत्यंत ख़ुशी की अनुभूति हो रही है.

इस अवसर पर डॉ० विनय कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षा से ही व्यक्ति का विकास संभव है. हमें अपने बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक कर्तव्यों और सामाजिक दायित्वों का भी बोध कराना आवश्यक है. साथ ही हमें बच्चों के सामने बात-चीत करते समय भी ध्यान रखना होगा कि हम किस मुद्दे पर बात कर रहे हैं. हम बच्चों के सामने आपस में जिस मुद्दे पर बात करते हैं, बच्चों में उस मुद्दे से सम्बंधित भावना जागृत होने लगती है. इसलिए हमें अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें उनकी नैतिक जिम्मेदारियों का एहसास दिलाते हुए, स्वयं भी उसका अनुसरण करना है.

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इस अवसर पर रामबचन वर्मा, विनोद प्रकाश वर्मा, विनय वर्मा, राजू वर्मा, प्रेम वर्मा, राहुल वर्मा, काशी नाथ वर्मा, राजू वर्मा, सत्यम वर्मा, गुड्डू वर्मा, राजू सेठ, राहुल वर्मा, रवि वर्मा, अभिषेक सेठ एवं त्रिभुवन वर्मा (मोनू) की उपस्थिति प्रमुख रही.

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