UP में अपना दल की सफलता अन्य बड़ी पार्टियों से बेहतर

ब्यूरो रिपोर्ट आकृति टंडन

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों को जहां अपने प्रदर्शन को बनाए रखने में निराशा हाथ लगी ,वही केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल (एस) ने पिछले एक दशक चुनावों में अपनी सफलता का बनाए रखे हैं.अपना दल ने उत्तर प्रदेश में 17 सीटों पर चुनाव लडा था ,चुनाव आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक ,उसने 17 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की.

वर्ष 2012 में अनुप्रिया पटेल ने विधानसभा चुनाव में पदार्पण किया, अपना दल ने दो सीटों पर चुनाव लडा था,और दोनो सीटों पर दर्ज मिली थी . 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने भाजपा के संग गठबंधन में दो सीटों पर चुनाव लडा और दोनो सीट पर ही जीत दर्ज हुई. जिसके बाद अनुप्रिया पटेल राज्यमंत्री बनी.

सफलता की राह 2019 में भी जारी रही, जब अपना दल ने फिर से दो सीटों पर चुनाव लड़ा और दोनों में जीत हासिल की.

इस बीच, अपना दल दो गुटों में विभाजित हो गया – एक पटेल के नेतृत्व में और दूसरा उनकी मां कृष्णा पटेल द्वारा, जिन्होंने इन चुनावों में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया.

अपना दल कुर्मी-केंद्रित पार्टी है, जिसे अनुप्रिया पटेल के पिता सोनेलाल पटेल ने 1995 में स्थापित की थी. यह भारतीय जनता पार्टी के सबसे विश्वसनीय सहयोगियों में से एक है.

अनुप्रिया ने अपनी नई सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, यह लोगों का प्यार है जो हमें आगे बढ़ाता है. हम उस विचारधारा के प्रति वफादार हैं, जिस पर मेरे पिता ने इस पार्टी की स्थापना की थी.