बिहार में हिजाब पर बवाल: परीक्षा में ब्लूटूथ होने का शक होने पर हिजाब निकालने को कहा तो शिक्षक पर भड़की छात्राएं, जबरन धर्म से जोड़ा

हिजाब को लेकर अब राजनीति गर्म हो चुकी है. हिजाब का मसला पिछले कई महीनों से लम्बा चलता आ रहा है. अब इसे लेकर बिहार के एक कॉलेज में बवाल शुरू हो गया है. बिहार में मुजफ्फरपुर के एक कॉलेज में हिजाब को लेकर रविवार को जबरदस्त हंगामा हुआ. दरअसल, कॉलेज में सेंट अप परीक्षा चल रही थी. जहां कुछ लडकियां हिजाब पहने बैठी हुई थीं. शिक्षक को उन लड़कियों के ब्लूटूथ डिवाइस पहने होने का शक हुआ. इस पर उन्होंने छात्राओं को हिजाब हटाकर कान दिखाने को कहा. इस पर लड़कियां भड़क गईं और परिजन को बुला लिया.

छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने जबरन हिजाब हटाने को कहा, उन्हें देशद्रोही बताया और पाकिस्तान जाने को कहा. हंगामा होने पर पुलिस भी पहुंची. बाद में प्रिंसिपल ने लड़कियों को समझाया और मामला शांत कराया. मामला महंत दर्शन दास महिला कॉलेज (MDDM) का है.

यह है पूरा मामला

कॉलेज की छात्रा अदिवा ने बताया कि कॉलेज में सेंट अप परीक्षा ली जा रही थी. इसी दौरान कुछ छात्राएं हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची. क्लास रूम में शिक्षक रवि भूषण ने उन्हें कहा की ब्लूटूथ लगाकर आई हो, हिजाब हटाओ. छात्राओं ने कहा की आप महिला गार्ड को बुला लीजिए और जांच कर लीजिए. अगर कोई भी आपत्तिजनक सामान निकला तो वे लोग बिना परीक्षा दिए चली जाएंगी. छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक उनकी बात नहीं मानी. कहने लगे की हिजाब हटाकर फेंक दो.

पाकिस्तान चले जाओ

छात्राओं ने शिक्षक शशिभूषण पर आरोप लगाया कि उन्होंने छात्राओं को देशद्रोही तक कह डाला. कहने लगे कि रहते हो यहां और गाते हो वहां की हो. पाकिस्तान ही चले जाओ. इसी बात को लेकर छात्राएं भड़क गईं और जमकर हंगामा करने लगीं. फिर वे लोग बिना परीक्षा दिए बाहर निकल गईं और गेट पर प्रदर्शन करने लगी.

जबरन धर्म से जोड़ रही हैं छात्राएं: प्रिंसिपल

कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ कनुप्रिया ने कहा कि ये सब माहौल खराब करने की एक साजिश है. कॉलेज का इतिहास काफी पुराना है. सभी इंटर की छात्राएं हैं. इन लोगों को मोबाइल हटाने और ब्लूटूथ हटाने को कहा गया था. लेकिन इन्होंने इसे अलग इश्यू बना लिया और धर्म से जोड़कर विवाद करने लगी.

ये बहुत ही शर्मनाक बात है. इन छात्राओं की अटेंडेंस भी 75% से कम है. अब तो शिक्षा मंत्री और यूनिवर्सिटी का निर्देश है कि कम अटेंडेंस पर्सेंट वाली छात्राओं को फाइनल एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाएगा. ये लोग बेवजह का दबाव बना रहे हैं. ताकि कॉलेज प्रशासन इनके सामने झुक जाए.

हिजाब की कोई बात नहीं थी और ये जिस शिक्षक पर आरोप लगा रही हैं, उन्होंने देशद्रोही और पाकिस्तान जाने जैसी कोई बात नहीं कही थी. ये लोग मनगढ़ंत बातें बनाकर बेवजह मामले को तूल दे रही हैं.

सूचना मिलने पर मिठनपुरा पुलिस के थानेदार श्रीकांत प्रसाद सिन्हा मौके पर महिला सिपाहियों को लेकर पहुंचे. छात्राओं को समझाने की कोशिश की. वे लोग पुलिस से भी जमकर उलझीं और खूब वाद विवाद हुआ. कुछ देर बाद कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कनु प्रिया पहुंची. उन्होंने किसी तरह सभी को समझाकर शांत कराया. छात्राएं शांत हुई. फिर एग्जाम देकर वहां से चुपचाप बाहर निकल गई.