Ration Card Surrender: यूपी में नहीं सरेंडर करने पड़ेंगे राशन कार्ड, सरकार ने दिया स्पष्टीकरण

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राशन कार्ड को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने इन अफवाहों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है. उत्तर प्रदेश के खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने कहा है कि प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने का किसी भी प्रकार का आदेश जारी नहीं किया गया है. और ना ही उनके निरस्तीकरण के बारे में कोई निर्देश दिया गया है. यह नियम 8 साल पुराने लागू हैं. उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. राशन कार्ड सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है. यह समय समय पर चलती रहती है.

अब जबकि पिछले 3 दिनों में तमाम लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार को इसका स्पष्टीकरण देने में 24 घंटे से ज्यादा समय लग गए. इस दौरान शनिवार को भाजपा सांसद वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार पर पलटवार करते हुए पूछा था कि चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र?

वहीँ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह, आप सांसद संजय सिंह ने भी राशन कार्ड मुद्दे पर सरकार को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया था. अब सरकार ने इन सभी पोस्ट को फेक करार दिया है.

राज्य के खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने कहा कि सरकार ने या खाद्य विभाग ने अभी तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है. 7 अक्टूबर 2014 को जारी पात्र और अपात्र के शासनादेश आज भी लागू है. इसमें वर्तमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकारी योजना अंतर्गत आवंटित पक्का मकान, बिजली कनेक्शन, शस्त्र लाइसेंस धारक, मोटरसाइकिल मालिक, मुर्गी अथवा पशु पालन होने के आधार पर किसी भी कार्ड धारक को अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता है. इसी प्रकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और जारी शासनादेश में अपात्र कार्ड धारकों से वसूली जैसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. खाद्य विभाग हमेशा पात्र कार्ड धारकों को नए राशन कार्ड जारी करता है. 1 अप्रैल 2020 से अब तक प्रदेश में कुल 29.53 लाख नए राशन कार्ड विभाग ने पात्र लाभार्थियों को जारी किए हैं.