पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक पर बोले पंजाब के सीएम चन्नी, “ये कुदरती था”, 70,000 कुर्सियां लगाकर केवल 700 लोग ही आए

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी की सुरक्षा में सेंध वाली घटना से इंकार किया है. सीएम चन्नी ने कहा कि पीएम की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से कहा है कि वे इस मुद्दे पर जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही करें. इस मुद्दे पर सीएम चन्नी का कहना है कि पीएम की अंतिम क्षण में यात्रा योजना में बदलाव के कारण ऐसी चुक हुई है. शुरुआत में पीएम को हवाई यात्रा करनी थी लेकिन अंतिम क्षण में यात्रा की योजना बदल दी गई.

पंजाब में कांग्रेस के मुखिया ने कहा कि भाजपा राजनितिक कारणों से उनपर आरोप लगा रही है. सीएम चन्नी ने दावा किया कि उन्होंने खुद पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा पर नजर बनाया हुआ था. पीएम मोदी का रोड शो अंतिम समय में प्लान बना था. रैली के लिए 70,000 कुर्सियों का इंतेज़ाम किया गया था. लेकिन केवल 700 लोग ही वहां पहुंचे थे.

‘CNN’ न्यूज़ चैनल से बात करते हुए सीएम चन्नी ने कहा कि ‘ये कुदरती था.” सरकारी सूत्रों के के हवाले से चैनल ने बताया है कि इस तरह का हैरान कर देने वाले दृश्य फ्लाईओवर पर इसीलिए देखने को मिला, क्योंकि पंजाब पुलिस और प्रदर्शनकारियों में सहमति बनी थी. क्योंकि केवल पंजाब पुलिस को ही पीएम मोदी की यात्रा का रूट पता था. इस तरह का पुलिस का व्यवहार पहले कभी देखने को नहीं मिला. कहा जा रहा है कि हालिया वर्षों में किसी भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ये सबसे बड़ी चूक है.

कांग्रेस के ‘डिजिटल कम्युनिकेशन एंड सोशल मीडिया’ सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गौरव पांधी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पंजाब का पॉवर! कल से ही पंजाब की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को रोक कर रखा हुआ था. पीएम मोदी को अपनी रैली रद्द कर के दिल्ली लौटना पड़ा. पंजाब विरोधी मोदी, वापस जाओ.” कई अन्य कॉन्ग्रेस नेता भी रैली रद्द होने का जश्न मनाते हुए दिखे. बता दें कि इस जश्न में लिबरल पत्रकार भी शामिल हुए थे.

बुधवार को पीएम मोदी का विमान भठिंडा में लैंड हुआ, जहां से उन्हें हैलीकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित ‘नेशनल मार्टियर्स मेमोरियल’ जाना था. बारिश और विजिबिलिटी कम होने के कारण उन्हें मौसम के ठीक होने के लिए 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. वहाँ उन्हें ‘राष्ट्रीय शहीदी स्मारक’ में बलिदानी क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करनी थी.

जब मौसम ठीक नहीं हुआ तो निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से ही प्रधानमंत्री हुसैनीवाला तक का सफर तय करेंगे. जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुँचा तो वहाँ पता चला कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर के रखा हुआ था. लगभग 15-20 मिनट तक पीएम मोदी वहाँ फँसे रहे. इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध बताया जा रहा है. बता दें कि सड़क मार्ग से ये यात्रा दो घंटे में तय होनी थी, जिसके लिए पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (DGP) को ज़रूरी प्रबंधन करने के निर्देश दे दिए गए थे.

पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक पर गृह मंत्रालय का बयान

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