भाजपा ने जारी की 17 नामो की लिस्ट, मंत्री स्वाती सिंह का कटा टिकट, राजेश्वर सिंह को बनाया सरोजनी नगर से प्रत्याशी

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार रात अपने प्रत्याशियों 17 नामों की सूचिंजारी की जिसमे लुकोनो की सीटें शामिल है. भाजपा ने इस सूची में लखनऊ की भी 9 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया गया है. चर्चा से अलग कई नामों का ऐलान कर भाजपा ने चौंका दिया है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा सरोजिनी नगर सीट की हो रही है. यहां से अब तक विधायक और योगी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्वाति सिंह का पत्ता काट दिया गया है.

लेकिन पार्टी ने नया दांव चला है और ईडी के अधिकारी रहे राजेश्वर सिंह को यहां से मैदान में उतारा है. कुछ वक्त पहले ही राजेश्वर सिंह ने ईडी से रिटायरमेंट लिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे. बीटेक और पुलिस, मानवाधिकार व सामाजिक न्याय में पीएचडी सिंह उत्तर प्रदेश से प्रतिनियुक्ति पर ईडी से साल 2009 में जुड़े थे. तब वह राज्य पुलिस सेवा अधिकारी के तौर पर सेवा दे रहे थे. राजेश्वर सिंह यूपी के ही सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं. ईडी के अधिकारी के तौर पर उन्होंने कई अहम मामलों की जांच संभाली थी. उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेलों में अनियमितता जैसे हाई प्रोफाइल केसों की जांच की थी.

स्वाती सिंह का कट गया टिकट

उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से भाजपा ने मंत्री स्‍वाति सिंह का टिकट काट दिया है. इसके बाद स्‍वाति सिंह का अगला कदम क्‍या होगा?, राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. स्‍वाति सिंह का अभी तक का राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है.

उनका टिकट कटने के पीछे भी पति-पत्‍नी के बीच विवाद को ही वजह बताया जा रहा है. बीजेपी ने सरोजनीनगर सीट से ईडी के ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर पद से इस्‍तीफा देकर आए राजेश्‍वर सिंह को टिकट दिया है. बीजेपी की सूची जारी होने के बाद अब तक स्‍वाति सिंह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. सपा ने अभी तक सरोजनीनगर सीट पर अपने उम्‍मीदवार का ऐलान नहीं किया है. जबकि लखनऊ की अन्‍य सीटों पर सपा के उम्‍मीदवार घोषित हो चुुुके हैं. इस वजह से राजनीतिक कयासबाजियों को आगे बढ़ने का मौका मिल गया है.

स्‍वाति सिंह के अगले कदम को लेकर लगाए जा रहे तमाम कयासों में से एक उनके सपा में जाने को भी लगाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि टिकट कटने से स्‍वाति सिंह नाराज हैं. वहीं उनके पति दयाशंकर सिंह ने कहा है कि वह राजेश्‍वर सिंह के लिए प्रचार करेंगे.

टिकट कटने से प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह खुश?

टिकट कटने के बाद एक तरफ स्‍वाति सिंह के घर सन्‍नाटा पसरा था तो वहीं उनके पति भाजपा प्रदेश दयाशंकर सिंह के समर्थकों के बीच खुशी का माहौल था. दयाशंकर सिंह ने एक ट्वीट कर टिकट पाने वाले नेताओं को बधाई भी दी.

बहुत दिनों से टिकट कटने की लगी थी अटकलें

स्‍वाति सिंह का टिकट कटने की चर्चा काफी समय से चल रही थी. मंगलवार को इसके अधिकारिक ऐलान हो गया. अब सभी की नजरें स्‍वाति सिंह के अगले कदम पर हैं. देखना है कि वे क्‍या फैसला लेती हैं.

विवादों भरा रहा स्‍वाति सिंह का राजनीतिक सफर

स्‍वाति सिंह का राजनीतिक सफरनामा विवादों से भरा रहा है. भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव से ऐन पहले उन्‍हें पार्टी का टिकट तब दिया था जब तत्कालीन बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा स्वाति और उनकी बेटी को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी. बीजेपी ने 2017 के चुनाव में उन्‍हें सरोजनी नगर से टिकट दिया और जीतने के बाद मंत्री भी बनाया. कहा जाता है कि मंत्री बनने के बाद भी विवादों ने स्‍वाति और स्‍वाति ने विवादों का पीछा नहीं छोड़ा. कभी बीयर द बार के उद्‌घाटन तो कभी सीओ के साथ बातचीत का ऑडियो वायरल और तहसीलदार को लेकर विवाद की वजह से वह चर्चा में रहीं. अब चुनाव के ऐन पहले उनका और उनके पति दयाशंकर सिंह के बीच का विवाद सामने आ गया। दोनों ने पार्टी से टिकट की मांग की. पार्टी के सामने दोनों में से एक को चुनने की नौबत आ गई और फैसला मुश्किल हो गया. इसी बीच ईडी के ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर पद से इस्‍तीफा देकर राजेश्‍वर सिंह ने बीजेपी ज्‍वाइन कर ली और सरोजनी नगर सीट से टिकट की बाजी भी मार ली.

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