Mulayam Singh Yadav passed away: “मेरी आखिरी सांस तक रथ का पहिया घूमता रहेगा” जब क्रांति रथयात्रा में 6600 सिक्कों से तौले गए थे मुलायम सिंह यादव

समाजवादी पार्टी के मुखिया व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आज सुबह ही निधन हो चुका है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता इसे एक युग का अंत मान रहे हैं. उनके अनुसार, नेताजी के जाने से समाजवाद के एक युग का अंत हुआ है. अब समाजवादी पार्टी का पूरा कार्यभार उनके बेटे अखिलेश यादव के कंधों पर आने की संभावनाएं हैं. हालांकि यह बात अलग है कि सपा के उत्तराधिकारी के लिए अपने ही बेटे और भाई में पिछले कई वर्षों से अनबन की खबरें मीडिया में दौड़ रही हैं.

गरीबों में बाँट दिए जाएं सिक्के

ऐसे में हम आपको नेताजी मुलायम सिंह यादव से जुड़े कुछ किस्से बताएंगे. जब नेताजी के वजन के बराबर 6600 सिक्के तौल दिए गए थे. वर्ष 1987 का दौर था. नेताजी मुलायम सिंह यादव क्रांति रथयात्रा लेकर गाजियाबाद पहुंचे थे. उस वक्त उनका वजन 66 किलो था और उनके वजन के करीब 6600 सिक्कों से उन्हें तौला गया था. नेता जी ने कह दिया था कि यह सिक्के गरीबों में बांट दिया जाय. उस वक्त उनका स्वागत गाजियाबाद में अर्थला और घंटाघर पर हुआ था. हिन्दू वादी संगठनों ने इस यात्रा को रोकने की चेतावनी दी थी. इसके बावजूद मुलायम सिंह यादव ने कह दिया था कि मेरी आखिरी सांस तक रथ का पहिया घूमता रहेगा. तमाम विरोध के बावजूद वे रथ यात्रा लेकर गाजियाबाद आए थे.

24 जून 2019 को यूरिन में इन्फेक्शन के चलते मुलायम सिंह यादव गाजियाबाद के कौशांबी स्थित यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे. वे अक्सर यहां अपना इलाज और रूटीन टेस्ट के लिए आते रहते थे. हॉस्पिटल के CMD डॉ. पीएन अरोड़ा ने उनके निधन पर शोक जताया. डॉक्टर अरोड़ा ने कहा, नेताजी बहुत सरल इंसान थे. मेरा उनके परिवार में आना-जाना लगा रहता था. वे बहुत ही सहज एवं सरल भाव से मुझसे मिलते थे.