CM योगी के करीबी एमएलसी यशवंत सिंह को भाजपा ने 6 साल के लिए किया निष्कासित

मऊ. स्थानीय प्राधिकरण चुनाव में पार्टी के प्रति बगावत के सुर और अपने बेटे विक्रांत सिंह रिशू को भाजपा अधिकृत प्रत्याशी अरुण कुमार सिंह के विरोध में खड़ा करना एमएलसी यशवंत सिंह को भारी पढ़ गया है. भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को उन्हें पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है.इस लिहाज से पूर्वांचल में भाजपा की ओर से यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.

यशवंत सिंह के खिलाफ इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है. कारण कि यशवंत सीएम सीएम योगी के बेहद करीबी माने जाते हैं. उन्होंने वर्ष 2017 के चुनाव के बाद सीएम योगी को विधान परिषद भेजने के लिए अपने पद से त्यागपत्र दिया था.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से अपनी राजनैतिक सफर शुरू करने वाले यशवंत सिंह ने कई दफे भाजपा की सहायता की थी.वर्ष 1997 में बसपा को तोड़कर उन्होंने बीजेपी की सरकार बनवाई थी. उस समय उन्हें आबकारी मंत्री बनाया गया था. जन तांत्रिक बसपा के बैनर तले भाजपा के समर्थन से वे लोकसभा का चुनाव भी लड़े थे लेकिन कामियाबी हाथ नहीं लगी . बाद में यशवंत सिंह समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया. समाजवादी पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजा था.

सीएम योगी के साथ एमएलसी यशवंत सिंह

वर्ष 2017 में यशवंत सिंह बीजेपी में शामिल हुए और उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विधान परिषद भेजने के लिए एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था. बाद में बीजेपी ने उन्हें एमएलसी बनाया था. यशवंत को मुख्यमंत्री योगी का बेहद खास माना जाने वालो में गिनती होती है. वे विधान परिषद चुनाव में अपने पुत्र विक्रांत के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे थे लेकिन पार्टी द्वारा पूर्व विधायक अरूणकांत यादव को टिकट दिया गया है. इसके बाद यशवंत सिंह ने अपने पुत्र विक्रांत को निर्दल ही मैदान में उतार दिया. नामांकन के बाद कयास लगाई जा रही थी कि विक्रांत पर्चा वापस लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अलबत्ता चुनाव में ताकत झोंकी जाने लगी, जिसके बाद भाजपा संगठन की ओर से एमएलसी यशवंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की आशंका जताई जाने लगी थी.

भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी अरुण को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री सहजानंद राय को चुनाव प्रभारी बनाया है. एक दिन पूर्व ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा कार्यकर्ताओं से रूबरू होेने पहुंचे थे. उन्होंने कार्यकर्ताओं में यह कहते हुए जोश भरा कि यही अवसर जब हम एमएलसी चुनाव जीतकर सपा से बदला ले पाएंगे. यहां से आप सभी एक प्रतिनिधि भेजें, तो जनपद का विकास मिल-जुलकर वृहद तरीके से किया जाएगा. राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने भी कार्यकर्ताओं से अरुण को जिताने की अपील की थी.

वही दूसरी ओर यशवंत सिंह के चलते पार्टी को हो रहे नुकसान के बारे में संगठन द्वारा रिपोर्ट भेजी गयी थी. यशवंत की बगावत को देखते हुए पार्टी ने विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह को पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है. प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने इस आशय का पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री संगठन, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा गोरखपुर क्षेत्र तथा जिलाध्यक्ष भाजपा आजमगढ़ को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है. भाजपा के लालगंज जिलाध्यक्ष ऋषिकांत राय ने इसकी पुष्टि की है यशवंत के निष्कासन से पार्टी में भीतरघात करने वालों में हड़कंप मचा है.