Gorakhpur: गोरखनाथ मन्दिर से निकलेगी विजयदशमी शोभायात्रा, योगी होंगे दंडाधिकारी, प्रभु श्री राम का करेंगे तिलकोत्सव

देशभर में विजय दशमी की धूम है. आज कई जगहों पर महानवमी के साथ ही विजय दशमी की भी शोभायात्रा निकाली जाएगी. ऐसे में गोरखपुर मंदिर से हर वर्ष की भांति इस बार भी पारम्परिक शोभायात्रा निकालेंगे. जिसकी अगुवाई मंदिर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. शोभायात्रा से पहले मंदिर प्रांगण में पीठाधीश्वर का तिलकोत्सव होगा.

मंगलवार की सुबह सबसे पहले सीएम योगी ने श्रीनाथजी का विशिष्ट पूजन कर समस्त देव विग्रहों का भी पूजन किया. दोपहर एक बजे से 3 बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव कार्यक्रम, गोरखनाथ मंदिर के तिलक हाल में होगा. इस कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे.

रथ पर सवार होंगे योगी

इसके बाद शाम 4 बजे से गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की भव्य विजयदशमी शोभायात्रा निकलेगी. पीठाधीश्वर, गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने रथ पर सवार होंगे. तुरही, नगाड़े और बैंड बाजे की धुन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी.

मानसरोवर मंदिर में करेंगे पूजन

यहां पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े मानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव और अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना, अभिषेक करेंगे. इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी.

प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे योगी

यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे. इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी. इसके बाद रामलीला मैदान से शोभायात्रा पुनः गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी और शाम 7 बजे से दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने परिसर में पारंपरिक प्रसाद का वितरण ;गरीब, ब्राह्मण एवं अतिथि भोजद्ध का आयोजन होगा. इस भोज में अमीर-गरीब और जाति-मजहब के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

दंडाधिकारी की भूमिका में होंगे योगी

इतना ही नहीं, नाथपंथ की परम्‍परा के अनुसार हर साल विजयदशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर द्वारा संतों के विवादों का निस्तारण किया जाता है. मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्‍यनाथ नाथपंथ की शीर्ष संस्था अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्‍यक्ष भी हैं. इसी पद पर वह दंडाधिकारी की भूमिका में होते हैं.