“शादी की उम्र 21 होने से लड़कियां अवारगी करेंगी”, सपा नेता के बिगड़े बोल, केन्द्रीय मंत्री ने कहा – शर्मनाक

समाज में बेटियों से जुड़े मुद्दों पर हमेशा बहस होती रहती है. मुगल काल और अंग्रेजी शासन काल में जहां स्त्रियों को केवल उपभोग की वस्तु माना जाता था. वहीँ आजादी के बाद से अभी तक के सरकारों ने महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कानूनों में कई तरह के बदलाव भी किए. वहीँ इस बीच कुछ ऐसी ओछी मानसिकता वाले लोग भी मिलते रहे, जिन्होंने महिलाओं के प्रति सरकार के इन फैसलों का विरोध भी किया. आज हम आपको ऐसी ही ओछी मानसिकता वाले व्यक्ति से रूबरू करायेंगे. बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने लडकियों की शादी की उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया है.

सरकार के इस फैसले को लेकर जहां लोगों में ख़ुशी का माहौल है. वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं को सरकार के इस फैसले से भी अत्यंत दुःख हो रहा है. इन्हीं नेताओं में से एक शफ़ीकुर्ररहमान हैं. इन्होंने सरकार के इस फैसले को लेकर ऐसे ऐसे तर्क दिए हैं. जो सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे. सपा नेता ने मोदी सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है, “गरीब आदमी चाहता है कि उसकी बेटी की शादी जल्द से जल्द हो जाय. 18 साल शादी के लिए बिलकुल वाजिब उम्र है.”

सपा सांसद ने आगे कहा, “देश का माहौल ख़राब है. क्या इससे वो बच पाएगी और इन दिनों मुल्क के हालात खराब होते जा रहे हैं। ऐसे में सरकार का उक्त फैसला दुर्भाग्यूपर्ण है। रही पढ़ाई की बात, तो शादी के बाद भी बेटियां पढ़ाई कर सकती हैं। उन्हें उनके सुसराल वाले थोड़ी न रोकेंगे। उन्होंने तो यहां तक कहने से कोई गुरेज नहीं किया कि बेटियों की उम्र 21 साल होने से अवारा हो जाएंगी। सपा सांसद ने कहा कि मैं सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करूंगा। इससे हमारी बेटियों पर बुरा असर पड़ेगा।“

सपा नेता के बयान पर यूपी सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि शफ़ीकुर्रहमान बर्क आवाराओं की पार्टी से आते हैं और ऐसा बयान शर्मनाक है। शफीकुरहमान देश की बेटियों का अपमान कर रहे हैं, ऐसा बयान देकर समाज की छवि ख़राब करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस संदर्भ में अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए, जो मथुरा  और काशी के विकास पर ज्ञान देते हैं।“

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