‘यूपी-बिहार के भइये… फटकने नहीं देना’, पंजाब में यूपी-बिहार के लोगों के प्रति जहर फैला रही कांग्रेस, प्रियंका गांधी बजा रहीं ताली

लोकतंत्र में जनता की याददाश्त थोड़ी कमजोर होती है. इसलिए ये लोग जनता को आसानी से बरगला जाते हैं. इन्होंने पहले धर्म को धर्म से और जाति को जाति में बांटकर राज किया. फिर भाषा को भाषा से. क्षेत्र को क्षेत्र से बांटकर राज किया. राज्य को राज्य से, नस्ल को नस्ल से बांटकर राज किया. हिंदू को मुस्लिम से, मुस्लिम को हिन्दू से, सिख को हिन्दू से, बौद्ध को हिन्दू से बांटकर राज किया.

जब चन्नी यूपी- बिहार के लोगों के प्रति नफरत फैला रहे थे, तब प्रियंका गांधी हंसते हुए ताली बजा रही थीं

प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान खुद को उत्तर प्रदेश की बेटी बताती हैं. लेकिन पंजाब पहुंचते ही उनका उत्तर प्रदेश के प्रति नजरिया बदल जाता है. पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के लोग उनके लिए बाहरी हो जाते हैं. और हों भी क्यों नहीं ! आखिर बांटना तो कांग्रेस के खून में शामिल है.

पंजाब में जब कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी यूपी और बिहार के लोगों के खिलाफ घृणा बढ़ाने वाली बात कर रहे थे, उन्हें प्रदेश से बाहर निकालने की बात कर रहे थे, तब प्रियंका गांधी वाड्रा उनकी टिप्पणी का समर्थन करती हुई नजर आईं

15 फरवरी को पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के साथ पंजाब के रोपड़ में एक रैली को संबोधित किया था. अपने संबोधन के दौरान, चन्नी ने पंजाब में रहने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के खिलाफ नफरत फैलाई और उन्हें राज्य से बाहर निकालने का आह्वान किया. दिलचस्प बात यह है कि जब वह यूपी और बिहार के लोगों के खिलाफ नफरत का प्रचार कर रहे थे, कांग्रेस महासचिव और यूपी कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी उनके बयान पर तालियाँ बजा रही थीं.

प्रियंका गांधी ने चन्नी की सराहना करते हुए कहा, “समझदारी का इस्तेमाल करो. चुनाव का समय है. लंबी-लंबी बाते नहीं कहना चाहती. लेकिन पंजाब के लोगों, बहनों-भाइयों जो आपके सामने है, उसे ठीक से पहचानो. आपमें बहुत विवेक है. समझदारी है. उस समझदारी का इस्तेमाल करो. जो लोग बाहर से आकर आपको पंजाबियत सिखाते हैं, उन्हें पंजाबियत क्या है ये सिखाएँ. पंजाब, पंजाबियों का है. पंजाब को पंजाबी चलाएँगे. अपनी सरकार बनाओ. यहाँ कोई नई राजनीति नहीं मिलेगी. ये बाहर से जो आते हैं आपके पंजाब में उन्हें सिखाइए पंजाबियत क्या है. पंजाब मेरे ससुरालियों का गृह राज्य है.”

प्रियंका के इतना बोलते ही चन्नी अपने हाथ में माइक लेते हैं और कहते हैं, “प्रियंका पंजाबियाँ दी बहू है. यूपी दे, बिहार दे, दिल्ली दे भईए आके इते राज नई कर दे. यूपी के भइयों को पंजाब में फटकने नहीं देना है.” चन्नी के इतना कहते ही वहाँ मौजूद लोग जो बोले सो निहाल के नारे लगाने लगते हैं. इस दौरान प्रियंका हँसती रहती हैं और खुद भी नारे लगाना शुरू कर देती हैं. फिर तालियाँ बजाती हैं. बता दें कि पंजाबी में ‘भइए’ एक अपमानजनक शब्द है. यह शब्द यूपी के लोगों के लिए एक गाली की तरह है.  

कांग्रेस का रक्तरंजित इतिहास

बांटना जिनकी प्रवृत्ति रही है, देश का खून चूसकर जिन्होंने वर्षों तक राज किया हो, वे आज देश को बांटने से बचाने के लिए आवाज़ उठा रहे हैं. अंग्रेजों की नीति ‘बांटो और राज्य करो’ पर चलने वाले आज देश प्रेमी बने हुए हैं. जिनके खून में ही विदेशी ज़हर भरा हुआ हो, वे भला राष्ट्रवादी कैसे हो सकते हैं ! लोकतंत्र में जनता की याददाश्त कमजोर होती है, इसलिए ये लोग आसानी से बरगला जाते हैं.

इन्होने अंग्रेजों की पालिसी डिवाइड एंड रूल का भरपूर पालन किया. उन्हीं के नक़्शेकदम पर चलकर देश का बंटवारा किया और वर्षों तक राज किया. 1947 में पाकिस्तान का जन्म और हिन्दुओं का कत्लेआम इनके बांटने की अवधारणा को प्रस्तुत करता है. साथ ही इन्होने पहले धर्म को धर्म से और जाति को जाति में बांटकर राज किया. फिर भाषा को भाषा से. क्षेत्र को क्षेत्र से बांटकर राज किया. राज्य को राज्य से, नस्ल को नस्ल से बांटकर राज किया. हिंदू को मुस्लिम से, मुस्लिम को हिन्दू से, सिख को हिन्दू से, बौद्ध को हिन्दू से बांटकर राज किया.आज भी इनकी यह बांटो और राज करो नीति की जारी है. अब राज्य को राज्य से बाटने की कोशिश जारी है. ताकि पुनः राज करें.

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