जबरदस्ती दुकानें बंद करने को लेकर कानपुर में दो गुटों में भिड़ंत, नमाज़ के बाद पुलिस पर पथराव

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में शुक्रवार को दुकानों को जबरन बंद करने को लेकर दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई. तीखी नोकझोंक के बाद हुई हिंसा और पथराव में कम से कम 6 लोग घायल हो गए. पथराव में वाहनों को भी नुकसान पहुंचा.

जबरन दुकानें बंद करा रहे थे मुस्लिम समुदाय के लोग

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यतीमखाना के पास बेकनगंज इलाके में सैकड़ों लोग जुमे की नमाज के बाद जबरन दुकानें बंद करने के लिए सड़कों पर उतर आए. यहां से 50 किमी दूर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गवर्नर आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ एक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे. कुछ स्थानीय लोग पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान पर स्थानीय दुकानों को बंद करने के लिए मजबूर कर रहे थे.

16 लोग अब तक गिरफ्तार

पुलिस ने लगभग 16 लोगों को गिरफ्तार कर स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया, हालांकि, एक अंतराल के बाद हिंसा फिर से शुरू हो गई. गोलियां भी चलाई गईं. स्थिति पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल की व्यवस्था करनी पड़ी.

परेड चौक में दिखी लोगों की भारी भीड़

टीवी पर बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा की टिप्पणी से नाराज एक मुस्लिम समूह ने इलाके में बाजार बंद का आह्वान किया था. जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग परेड चौक पर जमा हो गए और दुकानदारों को शटर गिराने के लिए धमकाना शुरू कर दिया. जब दूसरे समूह ने इसका विरोध किया, तो विवाद छिड़ गया. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.