बिहार की 24 वर्षीय “चायवाली” जीत रही है पब्लिक का दिल, ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक पहल

समाज में अब लोगों की सोच बदल रही है. इसका एक उदाहरण प्रियंका गुप्ता नाम की एक इकोनॉमिक्स ग्रेजुएट है, जो दो साल तक नौकरी नहीं मिलने के बाद बिहार के पटना में एक महिला कॉलेज के पास एक चाय की दुकान लगा रही है. 24 वर्षीय इकोनॉमिक्स ग्रेजुएट ने 2019 में अपनी पढ़ाई पूरी की, और कहा कि वह प्रफुल्ल बिलोर की कहानी सुनकर एक चाय की दुकान खोलने के लिए प्रेरित हुई, जिसे “एमबीए चायवाला” के नाम से जाना जाता है.

प्रमुख समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, प्रियंका ने कहा, “कई चायवाले हैं, तो एक चायवाली क्यों नहीं हो सकती?” प्रियंका और उनकी चाय की दुकान की कुछ तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की गईं. इसके अलावा, एक स्लाइड में, छात्रों के एक समूह को स्टॉल से चाय पीते हुए देखा जा सकता है. प्रियंका कुल्हड़ चाय से लेकर पान चाय तक कई तरह की चाय बेचती हैं. एक कप चाय की कीमत 15 रुपये से लेकर 20 रुपये तक है. इसके अलावा, ग्राहक 10 रुपये की कुकीज के साथ एक कप चाय का आनंद ले सकते हैं.

24 वर्षीय प्रियंका अपने प्रयासों को “आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक पहल” के रूप में वर्णित करती है. उनका रेट कार्ड व्यवसाय के प्रति उनके उत्साह को दर्शाता है. इसका एक हिस्सा हमने पढ़ा जिसपर लिखा है, “पीना ही पडेगा” और “सोच मत… चालू कर दे बस.” इसके अलावा, उन्होंने फेमस लाइन “लोग क्या सोचेंगे” पर भी नजर डालते हुए रेट कार्ड पर लिखा था, “लोग क्या सोचेंगे, अगर ये भी हम सोचेंगे तो लोग क्या सोचेंगे.” कई लोगों ने बिजनेस के इस तरह के एक हटके आईडिया के लिए उनके प्रयासों की प्रशंसा की. हालांकि, कई नेटिज़न्स ने बिहार में शिक्षित युवाओं के लिए नौकरियों की कमी की ओर इशारा किया. एक यूजर ने कहा, ‘अब वह आने वाले समय में दूसरों को जॉब और बिजनेस देगी.