क्या है Digital Vidhan Sabha ? यूपी से पहले इन राज्यों में हो चुका है लागू

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कागज बनाने के लिए पेड़ महत्वपूर्ण हैं लेकिन हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी पेड़ों को नहीं काट सकते हैं. वे ऑक्सीजन की आपूर्ति करते हैं और हमें अपने जीवन के लिए इसकी आवश्यकता होती है. हालाँकि, यदि हम डिजिटल तकनीक का उपयोग करना शुरू करते हैं, तो हमें कागज बनाने के लिए पेड़ों को काटने की आवश्यकता नहीं है. हम डेटा को डिजिटल मोड में सेव सकते हैं.

इन राज्यों में डिजिटल हुआ है विधानसभा

इसी को ध्यान में रखते हुए डिजिटल विधानसभा को लाया गया है. विशेष रूप से, बिहार भारत का पहला राज्य है जिसने राज्य विधान परिषद को ई-विधान से डिजिटल रूप से लैस करना शुरू किया है. इसके अलावा, केरल, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड में ई-विधान सिस्टम उपलब्ध है.

डिजिटल विधानसभा कैसे काम करती है?

सरकार ने एक ही मंच के माध्यम से सभी भारतीय राज्यों और संसद के विधायी निकायों को डिजिटाइज़ करने के लिए नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NEVA) नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया. यह सर्विस एक वेबसाइट और एक मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है. सिस्टम हाउस कार्यवाही की अधिकता, स्टार्रड/ अनस्टार्रड क्वेश्चस और उत्तर, समिति की रिपोर्ट और बहुत कुछ की अनुमति देता है. सरकार ने नागरिकों और विधानसभाओं के सदस्यों दोनों के उपयोग के लिए डेटा और काम की अधिकता की अनुमति देने का भी लक्ष्य रखा. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वन नेशनल वन लेगिस्लेटीव प्लेटफ़ॉर्म’ के विचार को भी रिप्रेजेंट करता है. विशेष रूप से, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले ही दोहराया कि देश में 2023 तक सभी विधायिकाओं की कार्यवाही एक मंच पर उपलब्ध होगी.

डिजिटल विधानसभा की मुख्य विशेषताएं

– NeVA पर उपलब्ध डेटा को किसी भी समय कहीं भी एक्सेस किया जा सकता है.

– यह किसी के लिए भी डिसीजन्स, डाक्यूमेंट्स और इनफार्मेशन्स को ट्रैक करना आसान बनाता है.

– राज्य विधानमंडल में ई-विधान के क्रियान्वयन की निगरानी सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी.