Republic Day 2022: 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इतिहास

26 जनवरी को प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के रूप में देशभर में मनाया जाता है. इस समारोह का मुख्य आकर्षण गणतंत्र दिवस परेड है जो हर साल नई दिल्ली में आयोजित की जाती है. गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग राजपथ और इंडिया गेट के आसपास जमा होते हैं. इन सब के बीच हमें यह भी याद रखना चाहिए कि यह दिन सबसे पहले क्यों मनाया जाता है. आइए जानते हैं गणतंत्र दिवस का संक्षिप्त इतिहास:

इसलिए मनाया जाता है गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को भारतीय संविधान के लागू होने की तारीख को मनाया जाता है. 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिलने तक भारत 200 साल तक ब्रिटिश राज के अधीन रहा था. हालाँकि स्वतंत्रता प्राप्त करने के कुछ वर्षों बाद तक देश का अपना स्थायी संविधान नहीं था. तब तक, देश ‘भारत सरकार अधिनियम 1935’ के उन कानूनों का पालन कर रहा था जो ब्रिटिश सरकार के एक संशोधित संस्करण पर आधारित थे. भारत का अपना संविधान बनाने के लिए स्वतंत्रता प्राप्त होने के दो सप्ताह बाद डॉ० बी० आर० अम्बेडकर के नेतृत्व में एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनायी गई थी जिसमें अध्यक्ष के रूप में उन्हें ही नियुक्त किया गया था.

प्रारूप तैयार करने में लगे थे 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन

समिति और संविधान सभा ने भारत के संविधान पर विचार-विमर्श करने और उसका प्रारूप तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन का समय लिया. भारत के संविधान को औपचारिक रूप से 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था. हालांकि, यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ. यही कारण है कि हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है.

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