मेरठ में सपा रालोद गठबंधन का हुआ एलान, जयंत चौधरी ने कहा अब डबल इंजन की सरकार आएंगी

मेरठ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल में गठबंधन का मंगलवार को औपचारिक एलान हो गया. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मंच पर मौजूदगी में राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी ने दोनों पार्टियों के बीच में गठबंधन का एलान करने के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में अब डबल इंजन की सरकार आएगी. दबथुवा के बुबुकपुर गांव में मंगलवार दोपहर सपा व रालोद की पहली संयुक्त परिवर्तन संदेश रैली में सपा और रालोद में गठबंधन की औपचारिक घोषणा कर दी गई. हालांकि अभी सीटों पर कोई बात नहीं हुई.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यहां के किसान भाजपा का सफाया चाहते हैं, नौजवान नौकरी चाहते हैं. किसानों के साथ धोखा हुआ, इनके वादें जुमले निकले. लोगों को उम्मीद थी कि डबल इंजन की सरकार से खुशहाली आएगी लेकिन सरकार फेल होती हुई दिख रही है. अब जनता बदलाव करेगी. सपा प्रमुख ने कहा कि अखिलेश यादव सरकारी संस्थाएं बेची जा रही हैं. सरकार ने पानी के जहाज बेच दिए, बंदरगाह बेच दिए, हवाई जहाज और एयरपोर्ट बेच दिए, ट्रेन बेच दी, रेलवे स्टेशन बेच दिए. जब सब कुछ बेच दिया जाएगा तो नौजवानों को नौकरी कहां से मिलेगी.

अखिलेश यादव व जयंत चौधरी की इस परिवर्तन संदेश रैली में जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार आने पर हम किसान आंदोनल के शहीदों की याद पर मेरठ में स्मारक बनवाएंगे. जिससे शहीद किसानों की कुर्बानी याद रखी जाए. इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के मामले में भाजपा को दाढ़ी भी मुंडवानी पड़ी और नाक भी कटवानी पड़ी.

उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी हमला बोला और कहा कि वह तो नायाब हैं. औरंगजेब पर बात शुरू करते हैं और अंत में पलायन पर आ जाते हैं. पेपर दिला नहीं पाते, मजबूर होकर नौजवान दूसरे प्रदेश जाकर नौकरी ढूंढते हैं. योगी जी को यह पलायन नहीं दिखता है. अपना काम नहीं देखते हैं. बाबा जी को गु्स्सा भी बहुत आता है. कभी मु्स्कराते नहीं. सिर्फ तभी खुश दिखते हैं जब बछड़ों के बीच होते हैं तो 2022 में उन्हें फ्री कर दो ताकि वो पूरे दिन बछड़ों के बीच खुश रहें. उन्होंने कहा कि बिजनौर में ऐसी सड़क बनवाई गई कि विधायक ने नारियल फोड़ा तो सड़क ही टूट गई.

जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा में कुछ नेता जब शामिल हुए तब घोड़े थे, और अब खच्चर बना दिया गए. आज कल राजनीति में एक शब्द का प्रयोग बहुत होता है फायरब्रांड नेता, लेकिन ये फायरब्रांड नहीं हैं. एक साल किसानों का अपमान हुआ लेकिन भाजपा के किसी भी नेता की एक शब्द भी बोलने की हिम्मत नहीं हुई. यह फायरब्रांड कैसे हुए. उन्होंने कहा कि किसानों के मामले में भाजपा को दाढ़ी भी मुंडवानी पड़ी, नाक भी कटवानी पड़ी.

हम किसानों को उनका हक दिलाएंगे

अपने संबोधन में आगे अखिलेश यादव ने कहा कि इस समय का उत्साह बता रहा है कि 22 में बदलाव होगा.तीन कानून लाए गए. किसानों को चित करना चाहती थी लेकिन संदेश गया. किसान दरवाजे बंद करके चिटकनी लगा देगा. एमएससी पर ठोस फैसला हो. हम भरोसा दे रहे हैं. किसानों को हक़ दिलाएंगे. भाजपा के मंत्री ने किसानों को कुचल दिया. मान छीना है तो मन बना लिया है. किसानों खाद नहीं मिल रही है.इलाज के लिए ऑक्सीजन के लिए लाइन में लगना पड़ा. अब लाइन में लगकर बाहर करेंगे. महंगाई बढ़ गई है. कमाई आधी हुई है महंगाई दोगुनी हो गई है. नौकरी मांगने वाले का लाठी से अपमान होगा. हवाई जहाज बेच दिया. एयरपोर्ट बेच दिए. बंदरगाह बेच दिये. चप्पल पहनने वाले को हवाई जहाज पर बैठा देंगे. कितने चप्पल वाले हवाई जहाज पर बैठ गए हैं. बुलडोजर वाले अपने बुल को नहीं संभाल पा रहे. इकसे पास मुद्दे नहीं है. हमारे बीच मे खाएं पैदा करते हैं. जो पैदा करें खाई वही भाजपाई.

फंड बनाकर किया जाएगा भुगतान

सपा सरकार बनेगी तब अलग से बजट बनाकर फंड देकर सरकार भुगतान करेगी. बिजली बिल आ रहा है तो करंट लग रहा है. बिजली के कारखाने का नाम नहीं रख पाए. उम्मीद से ज्यादा राहत देंगे. नौजवान बदलाव लाना चाहते हैं. हम सब रंग बिरंगा गुलदस्ता बना रहे हैं. वे एक रंगी लोग हैं. बाबा जाने वाले हैं. परिवर्तन होकर रहेगा. भाजपा की हर बात झूठी है. विकास का फिल्मी घोड़ा है जो दौड़ता दिखता है लेकिन असल में नहीं. जो पलायन की बात करते हैं वे पलायन करके खुद आए हैं.परिवर्तन से ही खुशहाली आएगी. इन दोनों डबल इंजन में ही टकराव है. विरासत की लाज रखोगे या नहीं. ये कार्यक्रम का संदेश दूर तक जाता है.

जयंत चौधरी ने कही यही बात

वहीं अपने संबोधन में रालोद प्रमुख्‍य जयंत चौधरी ने कहा कि एक साल किसानों पर अत्याचार हुआ भाजपा के एक भी की हिम्मत नहीं हुई. आज अखिलेश लखनऊ से आए. लखनऊ में तो अदब है लेकिन मेरठ बिलकुल गज़ब है. पश्चिमी ऊपर में चोर पकड़ा गया. सजा सुनाई की 100 प्याज खा ले या 100 जूते. उसने कहा प्याज खा ले. फिर जूते मांगे.

बिजनौर में सड़क उखड़ गई

योगी जी औरंगजेब से शुरुआत करते हैं या जाते हैं कैराना. नौजवान मजदूर बनने को पलायन करता है। यह नहीं दिखाई देता। बिजनौर में उद्घाटन पर सड़क टूट गई. अखिलेश इंजीनियर हैं. बाबा तभी खुश नजर आते हैं जब बछड़ों के बीच नजर आते हैं. उन्हें गोरखपुर भेज दो. सरकारी काम उनसे संभाल नहीं रह. हम भूल नहीं सकते किसानों को रौंदा गया था. शहीद किसान के याद में स्मारक बनायेंगे. डबल इंजन की सरकार हम देंगे. मेरठ शहीद किसानों की स्मृति में स्मारक बनाएंगे. भीड़ ने नया कीर्तिमान बनाया. 23 दिसंबर को फिर अलीगढ़ पहुंचना है.

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