“पहले हिसाब-किताब होगा, उसके बाद कोई ट्रांसफर होगा”, मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी का विवादित बयान, सोशल मीडिया पर वायरल

गैंगस्टर से डॉन बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी पर एक सार्वजनिक सभा में सरकारी अधिकारियों को ‘खुली धमकी’ देने के लिए आज मामला दर्ज किया गया.

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के टिकट पर यूपी चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने मऊ में चुनावी रैली में कहा कि एक बार समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आने के बाद, वह किसी भी ट्रांसफर पोस्टिंग से पहले उनके साथ पहले हिसाब-किताब करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने इस बारे में अखिलेश यादव से बात की है और उनसे कहा है कि जब तक वे अपने पापों की भरपाई नहीं करते हैं, तब तक किसी भी ट्रांसफर की अनुमति न दें.

“मैंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से कहा है कि छह महीने तक कोई तबादला या पोस्टिंग नहीं होगी. सबसे पहले उनके साथ ‘हिसाब किताब’ होगी. इसके बाद ही उनके ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर मुहर लगेगी.’

अब्बास अंसारी की विवादित टिप्पणी का वीडियो जबरदस्त रूप से प्रसारित होने के बाद, पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

30 वर्षीय अंसारी मऊ सदर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इस सीट के लिए सातवें चरण में 7 मार्च को मतदान होना है. जेल में बंद होने के कारण उनके पिता और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी चुनावी दौड़ में नहीं हैं.

इस सीट पर अब्बास अंसारी का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार अशोक सिंह, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर और कांग्रेस उम्मीदवार माधवेंद्र बहादुर सिंह से होगा.