यूपी चुनाव में कम वोटिंग? आखिर क्या रही इसकी वजह

ब्यूरो रिपोर्ट- शिवराज

यूपी चुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है. गुरुवार (10 मार्च 2022) को इसका निर्णय भी आने वाला है. इस बार यू०पी० चुनावों में युवा मतदाताओं की संख्या (18-29 वर्ष) पिछले चुनावों की तुलना में 61.28 लाख कम थी. साल 2017 के यूपी चुनाव में युवा मतदाताओं की संख्या 4.06 करोड़ थी, जो 2022 में गिरकर 3.44 करोड़ हो गई. इस बार कुल मतदाताओं में युवाओं की हिस्सेदारी 22.93 प्रतिशत रही, जो पांच वर्ष पहले 28.73 प्रतिशत की तुलना में 5 प्रतिशत कम है. इसके विपरीत कुल मतदाताओं की संख्या में इस बार 90.30 लाख की वृद्धि दर्ज की गई, जो साल 2017 में 14.12 करोड़ के मुकाबले 2022 में 15.03 करोड़ पहुंच गई.

यूपी में फर्स्ट टाइम वोटर्स की संख्या घटी

देखा जाए तो यूपी में युवा मतदाताओं की संख्या में गिरावट फर्स्ट टाइम वोटर्स की वजह से आई है, जो पांच वर्ष पहले की तुलना में इस बार 17.95 प्रतिशत कम रही. साल 2017 में पहली बार मतदान करने वालों की संख्या 24.25 लाख थी, जो 2022 में 19.89 लाख ही रही. इस बार कुल मतदाताओं में 1.32 प्रतिशत ही फर्स्ट टाइम वोटर्स थे. जबकि 2017 में फर्स्ट टाइम वोटर्स का परसेंटेज कुल वोटर्स का 1.72 परसेंट था.

आयु वर्ग के हिसाब से विश्लेषण

चुनावी आंकड़ों का आयु वर्ग के हिसाब से विश्लेषण करने पर पता चला है कि इस बार प्रति निर्वाचन क्षेत्र, 18-29 आयु वर्ग के मतदाताओं की औसत संख्या में 15,205 की गिरावट आई है. जबकि 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में, प्रति सीट औसत जीत का अंतर 29,505 वोट था.

अन्य कई राज्यों में भी कम हुए युवा मतदाता

उत्तर प्रदेश में युवा मतदाताओं की संख्या में गिरावट झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे चुनावी राज्यों में देखी गई प्रवृत्ति का अनुसरण करती है. झारखंड में, 2014 और 2019 के बीच युवा मतदाताओं की संख्या में 14.03 प्रतिशत की गिरावट आई, 2015 और 2020 के बीच बिहार में 12.48 प्रतिशत; और पश्चिम बंगाल में 2016 से 2021 के बीच 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई.

इस आयु वर्ग के मतदाता बढ़े सबसे ज़्यादा

यूपी में इस बार सबसे अधिक वृद्धि 30-39 आयु वर्ग के मतदाताओं में देखी गई, जो पिछले चुनाव की तुलना में 57.15 लाख या 16.39 प्रतिशत ज्यादा था. वर्ष 2017 में 30-39 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 3.48 करोड़ थी, जो 2022 में 4.06 करोड़ पहुंच गई. इस तरह यूपी के कुल मतदाताओं में 30-39 आयु वर्ग की हिस्सेदारी 2017 के 24.69 प्रतिशत की तुलना में 2022 में 27.01 प्रतिशत तक पहुंच गई.

इस आयु वर्ग के मतदाताओं में हुई बड़ी गिरावट

यूपी चुनावों में 20-29 आयु वर्ग में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है. इसके विपरीत 20-29 आयु वर्ग में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. इस बार 20-29 आयु वर्ग के 56.92 लाख मतदाता घटे, जो 2017 की तुलना में 14.92 प्रतिशत की गिरावट है. साल 2017 में 20-29 आयु वर्ग के कुल मतदाताओं की संख्या 3.81 करोड़ थी, जो 2022 में घटकर 3.24 करोड़ रह गई. यह आयु वर्ग 2017 में यूपी के कुल मतदाताओं का 27.02 प्रतिशत था, जो इस बार 21.60 प्रतिशत रह गया.

50-59 आयु वर्ग के मतदाता भी बढ़े

50-59 आयु वर्ग के मतदाता 19.71 प्रतिशत बढ़े
एक अन्य आयु वर्ग जिसने 2022 में मतदाताओं की संख्या में बड़ी उछाल देखी, वह 50-59 था. इस बार यूपी चुनाव में 50-59 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 37.41 लाख या 19.71 प्रतिशत बढ़कर 2.27 करोड़ हो गई, जो 2017 में 1.89 करोड़ थी. अन्य आयु समूहों (40-49; 60-69; 70-79; और 80+) में मतदाताओं की संख्या भी पिछले पांच वर्षों में 6.29 प्रतिशत से 25.23 प्रतिशत के बीच बढ़ी है.

युवा मतदाताओं की संख्या में क्यों आयी कमी?

यूपी चुनाव में 18-29 आयु वर्ग के मतदाताओं के कम वोट डालने का कारण है उनका दूसरी जगहों पर होना. एक अनुमान के मुताबिक इस आयु वर्ग के ज्यादातर मतदाता पढ़ाई-लिखाई, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी या रोजगार की वहज से अपने शहर या राज्य से बाहर होते हैं. इसलिए वे मतदान के लिए उपस्थित नहीं रह पाते. इनमें से ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के युवा होते हैं, जिन्हें उच्च शिक्षा, तैयारी या रोजगार के लिए किसी बड़े शहर में जाना पड़ता है.