इजराईल की फोटो शेयर कर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया “भारत जोड़ो यात्रा की भीड़” पोल खुलने पर किया डिलीट

कांग्रेस का झूठ का लम्बा इतिहास रहा है. कांग्रेस कार्यकर्ता व शीर्ष अधिकारी झूठी खबरें तथा झूठी फोटो और झूठे विडियो दिखाकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकते रहते हैं. ऐसे में जब से राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू हुई है, तब से ही चर्चा जोरों पर है. हाल ही में इससे जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसमें राहुल गांधी और उनकी इस यात्रा का महिमामंडन किया गया है. इस तस्वीर को शेयर करते हुए कॉन्ग्रेस नेता जितेंद्र सिंह पटवारी उर्फ़ जीतू पटवारी ने दावा किया कि वायनाड के सांसद राहुल गाँधी की यात्रा में जन-सैलाब उमड़ पड़ा है. उन्होंने लिखा, “जन-सैलाब उमड़ पड़ा है, पूरा भारत चल पड़ा है.” साथ ही मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने ‘सुप्रभात’ और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का हैशटैग भी लगाया. हालाँकि, अब उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया है.

उन्होंने ये ट्वीट रविवार (16 अक्टूबर, 2022) की सुबह 7:27 बजे किया. लेकिन, सोशल मीडिया के जागरूक लोगों के सामने उनके झूठ की पोल खुलते देर न लगी. ट्विटर यूजर ‘Lala (@FabulasGuy)’ ने तुरंत स्क्रीनशॉट डालते हुए बताया कि ये तस्वीर स्टॉक नामक फोटो प्लेटफॉर्म से ली गई है और इसे नाइजीरिया में लिया गया था. इसका अर्थ है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से इसका कोई सम्बन्ध नहीं.

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया हुआ ट्वीट

हमने भी यही पाया कि ये तस्वीर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की नहीं है. किसी भी मीडिया संस्थान में भी ये तस्वीर इस यात्रा की नहीं मिली. ये तस्वीरें नाइजीरिया में हुई ‘Azusa Street Revival crusade’ की है. ये 2019 में हुआ एक विरोध प्रदर्शन था. इसी तस्वीर को एडिट कर के कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर दिया. जिन प्रदर्शनों की ये तस्वीर है, वो ईसाई मजहब से सम्बंधित है और एक पादरी द्वारा आयोजित की गई थी.

हालाँकि, कॉन्ग्रेस का लंबा इतिहास रहा है झूठी तस्वीरें और वीडियो के सहारे अपनी राजनीति चमकाने का. हाल ही में पार्टी ने ‘आज तक’ मीडिया चैनल के नाम से एक झूठा सर्वे चला दिया, जिसके आधार पर दावा किया गया कि राहुल गाँधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा लोकप्रिय हैं. पार्टी ने दावा कर दिया कि राहुल गाँधी की अप्रूवल रेटिंग 52% है, जबकि नरेंद्र मोदी 46% रेटिंग के साथ पीछे हैं. खास बात है कि ‘आज तक’ ने ऐसा कोई सर्वे किया ही नहीं.