AAP के CM कैंडिडेट इसुदान गढ़वी पत्रकार से बने हैं झाड़ू छाप नेता, शराब पीकर हंगामा करने और महिलाओं से छेड़खानी करने के लग चुके हैं आरोप

गुजरात चुनाव तारीखों का ऐलान हुआ है. आम आदमी पार्टी विवादों में फंसती चली जा रही है. एक ओर जहां पिछले दिनों गुजरात में लोगों ने केजरीवाल और भगवंत मांग को देखकर चोर चोर के नारे लगाए. वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी को लेकर भी अब विवाद खड़े हो रहे हैं. गुजरात में आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को अपना मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया. आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लगभग 1648500 लोगों में से 73% लोगों के कहने पर टीवी पत्रकार ईश्वरदान गढ़वी को अपना सीएम प्रत्याशी घोषित किया गया है. जिसके बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है.

मंच पर मौजूद गोपाल इटालिया ने भी उनको बधाई दी जबकि इटालिया खुद सीएम पद की रेस में कुछ समय पहले तक बड़ा नाम माने जा रहे थे. उनके अलावा बीच में मेधा पाटकर का नाम भी मीडिया में उछला था और अल्पेश कथेरिया, इंद्रनील राज्य गुरु, मनोज सुरथिया भी इस रेस में शामिल थे. हालाँकि आप ने इसुदान गढ़वी को चुना.

याद दिला दें कि इसुदान गढ़वी आम आदमी पार्टी से विवादित नाम हैं. उनके ऊपर गुजरात में (जहाँ शराब प्रतिबंध है वहाँ) शराब पीकर प्ररदर्शन करने बीजेपी की महिला कार्यकर्ता के साथ छेड़खानी करने के आरोप लग चुके हैं. इसकी वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. एफएसएल की रिपोर्ट में पुष्टि भी हुई थी कि उन्होंने घटना के समय शराब पी थी. लेकिन खुद को पाक साफ दिखाने के लिए उन्होंने सारा इल्जाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर मढ़ दिया. उन्होंने कहा कि वो तो शराब पीते ही नहीं. वे देवी उपासक हैं.

आज जब गढ़वी के नाम की घोषणा हुई तो मंच पर गोपाल इटालिया के अलावा उनको मंच पर बैठे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गले लगाया. मान पर भी शराब से जुड़े आरोप लगते रहे हैं.  जुलाई 2016 में उन पर सांसद हरिंदर खालसा ने सदन में शराब पीकर आने का आरोप लगाया था. खालसा भी आप से ही चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया था. पिछले दिनों मान की जर्मनी यात्रा भी शराब से जुड़े आरोपों के कारण चर्चा में रही थी. हालाँकि उन्होंने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया था.