उदयपुर: इस्लामवादियों द्वारा हिंदू व्यक्ति का सिर काटने के बाद पुलिस पर पथराव, धारा 144 लागू, इंटरनेट सेवा बंद

कन्हैया लाल को गिरफ्तार करने के बाद भी हत्यारे उसे डरा धमका कर जान से मारने की धमकी दे रहे थे. इस पर पीड़िता ने धानमंडी थाने को सूचना दी थी और सुरक्षा की गुहार लगाई थी लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया.

उदयपुर में कन्हैया लाल नाम के एक दर्जी की बेरहमी से हत्या के कुछ घंटों बाद, राजस्थान पुलिस ने शहर में कर्फ्यू घोषित कर दिया और इलाके में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया. सांप्रदायिक तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने धारा 144 लागू कर दी और इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे राज्य में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है जबकि अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. इस्लामवादियों द्वारा कन्हैया लाल की हत्या के कुछ घंटे बाद पुलिस ने 28 जून को रात 8 बजे कर्फ्यू घोषित कर दिया.

पहले भी दी थी जान से मारने की धमकी

दो इस्लामवादियों मोहम्मद रियाज अख्तारी और एक अन्य मोहम्मद ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की प्रोफेट मोहमद पर टिप्पणी के लिए उनका समर्थन करने के लिए दर्जी की बेरहमी से हत्या कर दी. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि नुपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करने के लिए कन्हैया लाल को पहले धमकी दी जा रही थी. कथित तौर पर, पुलिस ने पूर्व में कन्हैया लाल को सोशल मीडिया पर नुपुर शर्मा के समर्थन के लिए गिरफ्तार किया था. कन्हैया लाल को गिरफ्तार करने के बाद भी हत्यारे उसे डरा धमका कर जान से मारने की धमकी दे रहे थे. इस पर पीड़िता ने धानमंडी थाने को सूचना दी थी और सुरक्षा की गुहार लगाई थी लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया.

पथराव में युवक और पुलिसकर्मी हुए घायल

मंगलवार को, इस्लामवादियों ने, जिन्होंने हत्या की ज़िम्मेदारी का दावा करते हुए वीडियो शेयर किया है, उन्हें ‘अल्लाह’ के नाम पर दर्जी का सिर काटने का अवसर मिला. घटना उदयपुर के मालदास स्ट्रीट पर भूत महल के पास हुई. दोनों को पड़ोसी जिले राजसमंद से गिरफ्तार किया गया था. नृशंस हत्या के तुरंत बाद, राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी जहां उग्र भीड़ ने राज्य पुलिस पर पथराव किया. उदयपुर के हाथीपोल इलाके में दो मोटरसाइकिलों को भी आग के हवाले कर दिया गया. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पथराव में 2 युवक और एक पुलिस कर्मी घायल हो गया.

24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद

इस बीच, पुलिस ने शहर भर के साइबर पुलिस थानों से सोशल मीडिया पर फ्लैग पोस्ट, तस्वीरें और वीडियोज़ की निगरानी और तेज करने को कहा है, जिनमें सांप्रदायिक तनाव भड़काने की संभावना हो. पुलिस ने निषेधाज्ञा जारी की है और एक महीने के लिए राज्य भर में चार या पांच से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इंटरनेट सेवाएं भी अगले 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं.