Tripura सरकार की पहल से लाखों बकरों की बची जान, पशु विभाग ने कहा, “किसी ने काटा तो जाएगा जेल”

पूरे देश में मुस्लिम आज बकरीद मना रहे हैं। इस दिन पशुओं की कुर्बानी का रिवाज है। एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं, त्रिपुरा में इस्लामिक कट्टरपंथियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब त्रिपुरा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बकरीद (Bakrid) पर अपनी कट्टरपंथी सोच के अनुसार बकरों को काटने से मना कर दिया है। आपको बता दें कि आज बकरीद पर अगरतला सहित पुरे त्रिपुरा में हजारों की संख्या में बकरे काटे जाने की तैयारी चल रही रही थी। जिस पर त्रिपुरा सरकार ने पाबंदी लगा दी है।

पुरे मामले में पशु संसाधन विकास विभाग के सचिव डॉ. टीके देबनाथ ने कहा कि बकरीद के अवसर पर अगरतला के शहरी क्षेत्रों में किसी भी पशु वध की अनुमति नहीं दी जाएगी।

टीके देबनाथ ने कहा कि पशु क्रूरता निवारण नियम 2001 से संबंधित है। अगर यह शहर में हुआ तो कुर्बानी को पूरी तरह से अवैध माना जाएगा। डॉ देबनाथ ने निदेशक डीके चकमा के साथ अगरतला में नागरिक सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की।

भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की एक अधिसूचना का उल्लेख करते हुए पूरे देश में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और पशु क्रूरता निवारण नियम 2001 को लेकर सभी संबंधित विभागों को एक लेटर जारी किया गया है।

डॉ. देबनाथ ने कहा कि प्रवर्तन विभाग और राज्य के डीजीपी को शहरी क्षेत्रों में इस तरह के अवैध वध को रोकने के लिए सूचित किया गया है। अधिनियम कहता है कि स्लॉटर हाउस के बिना किसी भी पशु वध को अवैध माना जाना चाहिए।