हिन्दुओं की हत्या पर राजा बैठे देख रहा तमाशा, सुप्रीम कोर्ट के साथ आया तालिबान

जब कुर्बानी देने की बात आए, तो सिपाही की दी जाती है. राजा और राजकुमार तो कहानी के अंत तक जीवित रहते हैं. कुछ ऐसा ही माहौल समय देश में इस समय चल रहा है, जहां हिंदुओं की सरेआम हत्या कर दी जा रही है और राजा चुपचाप बैठ कर तमाशा देख रहा है. हिंदुओं की निर्मम हत्या पर भारत के राष्ट्राध्यक्ष का अभी तक न तो कोई ट्वीट आया और ना ही इस पर किसी तरह की बयानबाजी हुई है.

नूपुर शर्मा मामले में अब भारत के सुप्रीम कोर्ट को तालिबान का साथ मिला है. राजस्थान के उदयपुर में एक हिंदू की गला रेत कर हत्या कर दी गई. हत्या के बाद उसके शव को 14 टुकड़ों में काटा गया. प्रधानमंत्री का तो कोई ट्वीट आया नहीं लेकिन जब नूपुर शर्मा ने इस्लाम के खिलाफ बोला तो उसके खिलाफ 57 इस्लामिक देश खड़े हो गए. दबाव में आकर नूपुर शर्मा को पार्टी से बर्खास्त किया गया. साथ ही कई राज्यों में नुपुर शर्मा पर एफआईआर भी हुए. अब सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर में कन्हैया लाल का सिर कलम किए जाने की घटना का जिम्मेदार नूपुर शर्मा को बताया है. शिवलिंग पर जितनी ओछी टिप्पणियां हुई. हिंदू देवी देवताओं को लेकर मजाक बनाया गया. उनके कार्टूंस वायरल किए गए. यह सब शायद माननीय न्यायाधीश महोदय के अनुसार अपराध की श्रेणी में नहीं आता. आदरणीय मौलवी साहब ने जिस प्रकार शिवलिंग को फव्वारा बताया, उन्होंने कोई अपराध नहीं किया. लेकिन नूपुर शर्मा ने जरा सी सच्चाई क्या बोल दी, 57 देश उसके खिलाफ हो गए. साथ ही गुलामों के पार्टी ने उसे बर्खास्त कर दिया.

अब उदयपुर में जो कांड हुए उसके बाद देश देश के कई हिस्सों में हिंदू समर्थकों को धमकियां मिलना शुरू हो गई हैं. एक एक्ट्रेस ने उदयपुर में कन्हैया लाल के हत्या की निंदा की. जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें गला काटने की धमकी देने लगे. वाराणसी में एक यूट्यूबर को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकियां मिल रही हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को पूरे देश के सामने आकर माफ़ी माँगने की सलाह देते हुए कहा था कि उनके गैर-जिम्मेदाराना बयान के कारण देश में कई घटनाएँ हुईं. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस बयान का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है. जबीउल्लाह मुजाहिद अफगानिस्तान का सूचना एवं संस्कृति मंत्री भी है. अगस्त 2021 में मीडिया के सामने आने से पहले वो फोन और ईमेल वगैरह के जरिए ही बयान दिया करता था.

जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की. इसमें एक कट्टरपंथी जूते से नूपुर शर्मा की फोटो को कुचलते हुए दिख रहा है. तस्वीर पर लिखा है, “नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करो.” साथ ही उस पर जूते के निशान बने हुए हैं और हथकड़ी का चित्र भी है. जबीउल्लाह मुजाहिद ने लिखा कि नूपुर शर्मा को माफ़ी कतई नहीं मिलनी चाहिए, उन्हें फाँसी पर लटका दिया जाना चाहिए. उसने सुप्रीम कोर्ट के उस बयान का जिक्र किया कि नूपुर शर्मा की ढीली जबान ने पूरे देश में आग लगा दी.

याद हो कि जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था, “नूपुर शर्मा के बयान भड़काने वाले थे. देश में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए केवल यह महिला ही जिम्मेदार है. इसके लिए उन्हें देश से माफी माँगनी चाहिए.” जबकि यह लगभग सभी को मालूम है कि उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल तेली का गला मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने काटा था और उसके बाद एक वीडियो बनाकर पूरी दुनिया के सामने इस जघन्य हत्या की जिम्मेदारी ली थी. इससे पहले जस्टिस जमशेद बुर्जोर पारदीवाला भी आरक्षण पर ‘अनावश्यक टिप्पणी’ करके चर्चा में आए थे.