प्रसपा की सभी प्रादेशिक और राष्ट्रीय कमेटियां भंग, क्या बीजेपी में शामिल होने की तैयारी में हैं शिवपाल यादव?

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी(लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने शुक्रवार को पार्टी की सभी इकाइयों और कार्य समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया. इसके साथ ही अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने की अटकलों को आज बल मिला.

UCC का किया समर्थन

67 वर्षीय नेता ने एक दिन पहले ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन किया है. लखनऊ में एक कार्यक्रम में यूसीसी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि कानून जरूरी है और देश के बेहतर हित में है. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर कानून की प्रशंसा करने से परहेज किया लेकिन पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, “यहां तक ​​कि डॉ० राम मनोहर लोहिया भी कॉमन सिविल कोड के पक्ष में थे और उन्होंने 1967 में इसे एक मुद्दा भी बनाया था.”

भाजपा से बन रहे हैं अच्छे सम्बन्ध

शिवपाल यादव के नेतृत्व वाली प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने यूपी चुनाव में अखिलेश यादव के साथ गठबंधन किया था, लेकिन बीजेपी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था. हार से ज्यादा चाचा सपा प्रमुख को गठबंधन में कच्चा करार देने से खफा थे. साथ ही भगवा पार्टी और अखिलेश यादव के बीच दोस्ती बढ़ती जा रही है. सपा की पराजय के बाद, चाचा ने सपा प्रमुख से दूरी बनाए रखी है और भाजपा के साथ बाड़ सुधार कर रहे हैं.

पीएम मोदी व सीएम योगी को ट्विटर पर किया फॉलो

इस महीने की शुरुआत में शिवपाल यादव ने पीएम मोदी, सीएम योगी और यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को भी ट्विटर पर फॉलो करना शुरू कर दिया था. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात भी की. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले, अखिलेश की भाभी अपर्णा यादव भी भगवा पार्टी में शामिल हो गईं, जिससे यादव परिवार में दरार बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई. जब मीडियाकर्मियों ने पूछताछ की तो उन्होंने कहा था कि उनके पास परिवार नहीं परिवारवाद है.