Shinzo Abe Death: पीएम मोदी ने शिंजो आबे के निधन पर किया शोक व्यक्त, एक नज़र शिंजो-मोदी के सौहार्द और घनिष्ठ संबंधों पर

पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे का आज एक गनमैन द्वारा पीछे से गोली मारने के कुछ घंटों बाद निधन हो गया. यह घटना उस दौरान हुई जब वह प्रचार कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे. आबे के दुखद निधन ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार काम करने वाले करीबी दोस्त और पूर्व जापानी पीएम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए, पीएम मोदी ने उनके सम्मान में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की.

पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा ,”हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके, उनके परिवार और जापान के लोगों के साथ हैं. आज, पूरा भारत जापान के साथ शोक मनाता है और हम इस मुश्किल घड़ी में अपने जापानी भाइयों और बहनों के साथ खड़े हैं. ” ट्वीट्स की सीरीज़ में, प्रधानमंत्री ने पूर्व जापानी प्रीमियर के साथ अपनी मुलाकात की एक हालिया तस्वीर भी शेयर की और कहा कि आबे हमेशा भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने के लिए तैयार रहते थे.

वाराणसी में मोदी-आबे की दोस्ती रही सुर्खियों में

जबकि शिंजो आबे नहीं रहे, यहां हम उनके साथ पीएम मोदी के उत्कृष्ट तालमेल और दोस्ती पर एक नज़र डालते हैं. पीएम मोदी और शिंजो आबे के बीच घनिष्ठ संबंध और बहुत गहरी मित्रता थी और कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि ‘नरेंद्र मोदी उनके सबसे भरोसेमंद दोस्त थे’. दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत जुड़ाव ने भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने और इसे दूसरे स्तर पर ले जाने में भी मदद की.

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पीएम मोदी के साथ वाराणसी में देखी गंगा आरती

जब शिंजो आबे ने पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया और जापान ने क्योटो की तर्ज पर काशी को विकसित करने में अपनी सहायता का वादा किया तब दोनों ने वैश्विक सुर्खियां बटोरीं. आबे की 2015 की भारत यात्रा के दौरान, पीएम मोदी उन्हें गंगा आरती देखने के लिए वाराणसी ले गए.

भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मलेन में भी गए

उसके ठीक 2 साल बाद, शिंजो आबे भारत की पहली बुलेट ट्रेन की नींव रखने के लिए अहमदाबाद पहुंचे. जब पीएम मोदी ने जापान का दौरा किया तब आबे ने अपने हॉलिडे होम में पीएम मोदी की मेजबानी की और भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए टोक्यो भी गए.

जापान ने परमाणु समझौते पर किया था हस्ताक्षर

शिंजो आबे के नेतृत्व में ही जापान ने भारत के असैन्य परमाणु कार्यक्रम पर अपने प्रतिबंधों को कम किया. पीएम मोदी के 2014 के दौरे के दौरान डील साइन नहीं हो पाई थी. यह आबे ही थे जिन्होंने शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता के बारे में जापान में परमाणु विरोधी हॉक को आश्वस्त किया. जापान के साथ परमाणु समझौते पर 2016 में हस्ताक्षर किए गए थे.