नए संसद भवन की छत पर कांस्य निर्मित 9500 किलो का अशोक स्तम्भ, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, श्रमिकों से की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक ‘अशोक स्तम्भ’ का उद्घाटन किया. उन्होंने नए संसद के काम में लगे श्रमिकों से भी बातचीत की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 दिसंबर 2020 को हिन्दू रीति-रिवाजों के तहत नए संसद भवन का भूमि पूजन किया था, जिसे लगभग 971 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है.

कांस्य से निर्मित 9500 किलो के कुल वजन वाले राष्ट्रीय प्रतीक की ऊंचाई 6.5 मीटर है. इसे न्यू पार्लियामेंट बिल्डिंग के सेंट्रल फ़ोयर की छत पर स्थापित किया गया है. नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय चिन्ह की कांसेप्ट स्केच और प्रोसेस क्ले मॉडलिंग/कंप्यूटर ग्राफिक से ब्रोंज कास्टिंग और पॉलिशिंग तक तैयारी के आठ विभिन्न चरणों से गुजरी है.

बता दें कि राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ को कुल 150 हिस्सों में तैयार किया गया था. इसे छत पर ले जाने के बाद असेंबल किया गया और फिर लगाया गया. अप्रैल के अंत में इसकी असेंबलिंग का काम शुरू किया गया था. इसमें करीब दो महीने का वक्त लगा है. सरकार ने भवन के लिए अक्टूबर 2022 की समय सीमा निर्धारित की थी और इस साल नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने का लक्ष्य रखा था.