पीएम मोदी ने संसद में कांग्रेस को दिखाया आईना: समझाई राष्ट्र की परिभाषा, कहा, “विभाजन की मानसिकता कांग्रेस के DNA में शामिल”

वो जब दिन को रात कहे, तो तुरंत मान जाओ.. नहीं मानोगे तो, वो दिन में नकाब ओढ़ लेंगे… जरूरत हुई तो हकीकत को थोड़ा-बहुत मरोड़ लेंगे… वो मगरूर है खुद की समझ पर बेइंतहा… इन्हें आइना मत दिखाओ, वो आइने को भी तोड़ देंगे…

कोरोना के कारण देश में बहुत बड़ा बदलाव आया है : प्रधानमंत्री मोदी

ये लाइन किसी कवि के नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसद में भाषण ही. शाम 5:30 बजे से प्रधानमंत्री जी राष्ट्रपति का अभिभाषण का जवाब दे रहे थे. सबसे पहले उन्होंने स्वर कोकिला लता मंगेशकर को श्रद्धांजली दी. पूरे 100 मिनट के भाषण में नरेंद्र मोदी ने विष्णु पुराण का श्लोक पढ़ा. तमिल महाकवि सुब्रह्मण्यम भारती की कविता के जरिए राष्ट्रीय एकता पर बात की, तो कांग्रेस को टुकड़े-टुकड़े गैंग का लीडर बताने से भी नहीं चूके. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान कई बार कांग्रेस के काले कारनामों का जिक्र किया. उन्होंने नेहरु सरकार से मनमोहन सरकार तक के दबे पन्नों को आंकड़ों के जरिये उधेड़ा. महंगाई से लेकर देश की एकता को लेकर कांग्रेस पर तंज कसने के लिए वे नेहरू के भाषणों के अंश पढ़ते रहे. उन्होंने कांग्रेस सांसदों पर चुटकी लेते हुए कहा- आपको शिकायत रहती है कि मैं नेहरू का जिक्र नहीं करता, इसलिए आज के भाषण में नेहरू की तमाम बातें होंगी. प्रधानमंत्री ने यही किया भी और नेहरू के लाल किले पर दिए भाषण से लेकर राष्ट्र पर उनके बयान को दोहराया.

उन्होंने कहा, “जैसे द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विश्व में बहुत बदलाव आया था. वैसे ही कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बाद देश में बहुत बदलाव आए हैं. एक नया वर्ल्ड ऑर्डर जिसमें हमसब लोग जी रहे हैं. विश्व एक कोरोना काल के बाद विश्व एक नए वर्ल्ड ऑर्डर के बाद एक नए व्यस्थाओं के तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. एक ऐसा टर्निंग पॉइंट है कि हमलोग एक भारत के रूप में इस अवसर को गंवाना नहीं चहिये. भारत में एक लीडरशिप रोल के लिए अपने आप को कम नहीं आंकना चाहिए.”

महंगाई के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कई बार कांग्रेस को घेरा

इस परिपेक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव अपने आप में एक प्रेरक अवसर है. उस नए प्रेरक अवसर को लेकर नए स्नाक्ल्प को लेकर पूरी शक्ति, संकल्प और समर्पण से देश को उस जगह पर लेकर पहुंचेंगे. ये हमारा संकल्प है. बीते वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में तरक्की है. प्रधानमंत्री आवास योजना लम्बे समय से चला है. लेकिन जिस गति से जिस संकल्प से यह चला, वह घर लाखों का बन रहा है. इस प्रकार से वह गरीब लखपति की श्रेणी में आ जाता है. आज हर गरीब के घर में शौचालय है. कौन गरीब ऐसा है, जिसके घर में शौचालय नहीं है.

मेक इन इंडिया काफी हद तक कारगर साबित रहा है. पहले के सरकारों में हम स्पेयर पार्ट्स के लिए पर भी दूसरे देशों पर निर्भर रहते थे. लेकिन आज देश में हर छोटी से बड़ी चीज़ अपने देश में बन रही है. यहां तक कि केन्द्रीय बजट 2022-23 के अनुसार, हम कई अध्हुनिक हथियार तक अपने देश में बना रहे हैं. अब हमें दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है.

बांटने की राजनीति करती है कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस विभाजन की राजनीति करती है. वह टुकड़े-टुकड़े गैंग की लीडर बन गई है. यह कांग्रेस की परंपरा है, जो अंग्रेजों से विरासत में मिली है. इसके बाद मोदी ने विष्णु पुराण से संस्कृत श्लोक पढ़कर देश की एकता के मायने समझाए.

“मंहगाई के लिए अलादीन के जादू की उम्मीद न करें : कांग्रेस

महंगाई पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को यूपीए (UPA) सरकार के आखिरी 5 साल में देश को डबल डिजिट महंगाई का सामना करना पड़ा था. जबकि हमारे समय में महंगाई की दर 5% है. कांग्रेस की नीति में सरकार भी मान रही थी कि मंहगाई नियंत्रण से बाहर है. 2011 में सरकार के ही एक मंत्री ने कहा था “मंहगाई के लिए अलादीन के जादू की उम्मीद न करें.” आज चिदम्बर अख़बार में लेख लिखते हैं. जब सरकार में थे तब कहते थे कि लोगों को 15रु० की पानी की बोतल और 10 रु० की आइसक्रीम खरीदने में तकलीफ नहीं होती है लेकिन गेंहू और चावल के भाव 1 रु० बढ़ने पर बवाल होता है. मंहगाई देश का मानवीय मुद्दा है. पिछली सरकारें इसके प्रति अपना ठीकरा दूसरों पर थोपती थीं. इस मुद्दे को हमारी सरकार ने संवेदनशील तरीके से हैंडल करने का प्रयास किया है.

कोरिया में चल रही लड़ाई भी महंगाई को भारत में प्रभावित करती है: पंडित नेहरु

100 साल में आई वैश्विक महामारी कोरोना में भी प्रयास किया कि लोगों की ज़रूरत की चीजों का दाम मंहगाई आसमान न छुए. खासकर गरीब के लिए मंहगाई सीमा से बाहर न हो. हमने क्या किया. ये आंकड़े खुद बता रहे हैं. कांग्रेस के समय में मंहगाई डबल डिजिट में थी. हमारी सरकार में महंगाई कोरोना के बावजूद इस साल 5.2 % रही है. कांग्रेस अपने समय में वैश्विक परिस्थितियों की दुहाई देकर पलड़ा जहद लेती थी. तब ग्लोबलाईजेशन नाम मात्र भी नहीं था. महंगाई पर कांग्रेस के राज में पंडित नेहरु जी ने लालकिले से कहा था, “कभी कभी कोरिया में चल रही लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है. इसके चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं. ऐसे में महंगाई हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती है.” पं० नेहरु आगे कहते हैं. “अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है, तो इसका असर भी वस्तुओं की कीमत पर पड़ता है.”

अब देश का गरीब जागरूक हो गया है: प्रधानमंत्री मोदी

तब मंहगाई की समस्या इतनी थी कि नेहरु जी को लालकिले से बोलना पड़ता था. अगर कांग्रेस आज सत्ता में होती… तो मंहगाई पुराने कोरोना के खाते में जमा करके निकल जाते. लेकिन हम इस समस्या के लिए पूरी ताकत से लड़ रहे हैं. आज दुनिया में अमेरिका और कई देशों में मंहगाई 7 % है. लेकिन हम किसी पर ठीकरा फोड़ करके भाग जाने वाले नहीं हैं. हम देशवासियों के साथ खड़े होने वाले लोग हैं. इस सदन में गरीबी कम करने वाले भी बड़े बड़े आंकड़े दिए गए. लेकिन इस देश का गरीब इतना विश्वास घाती नहीं है कि कोई सरकार इतनी ईमानदारी से काम करे और गरीब जनता उसे सत्ता से दूर कर दे. अब गरीब जाग गया और जान गया. इस देश का गरीब इतना जागरूक है कि आपको 44 सीटों पर समेट दिया. कांग्रेस 1971 से गरीबी हटाओ के नारे पर जीतती रही. गरीबी तो नहीं हटी. लेकिन 40 साल बाद कांग्रेस ने गरीबी नई परिभाषा बदल दी. 2013 में के झटके में कागज़ पर कमाल करके 17 करोड़ गरीब लोगों को अमीर बना दिया. जिसके फलस्वरुप गरीबों ने कांग्रेस को हटा दिया.

प्रधानमंत्री के भाषण के प्रमुख तथ्य

  • इतिहास इस बात का गवाह है कि सेकेंड वर्ल्ड वार के बाद दुनियाभर में बदलाव आया. मैं साफ देख रहा हूं कि कोरोनाकाल के बाद विश्व नई व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहा है. यह एक टर्निंग पॉइंट है. इसे गंवाना ठीक नहीं. मुख्य धारा की लडाई में हमें खुद को कम नहीं आंकना चाहिए.
  • गरीबों के लिए रहने का घर हो, इसके लिए हमने प्रधानमंत्री आवास योजना को गति दी. आज गरीब भी लखपति की श्रेणी में है. देश के गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए है. इस बारे में जानकर सभी देशवासियों को खुशी होगी. जनता के बीच जब लोग जाते हैं, तो सरकार का काम दिखता है. लेकिन कुछ लोगों की सुई अभी तक 2014 पर ही टिकी हुई है.
  • आजादी के इतने साल बाद गरीब के घर में रोशनी होती है, तो उसकी खुशियां देश की खुशियों को ताकत देती हैं. गरीब के घर में गैस का कनेक्शन हो, धुएं वाले चूल्हे से मुक्ति हो, तो उसका आनंद कुछ और ही होता है.
  • तमिलनाडु में 60 साल, पश्चिम बंगाल में 50 साल, ओडिशा में 27 साल और त्रिपुरा में 34 साल से कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई. इतने चुनाव हारने के बाद आपके अहंकार में कोई बदलाव नहीं आया है. कांग्रेस ने मन बना लिया है कि 100 साल तक सत्ता में नहीं आना है.
  • मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन दुनिया में सबसे प्रभावी है, इसकी बदौलत भारत 100% वैक्सीनेशन की ओर बढ़ रहा है. अगर हम लोकल के लिए वोकल होने की बात कर रहे हैं तो क्या हम महात्मा गांधी के सपनों को पूरा नहीं कर रहे हैं? फिर विपक्ष द्वारा इसका मजाक क्यों उड़ाया जा रहा था? हमने योग और फिट इंडिया की बात की, लेकिन विपक्ष ने भी इसका मजाक उड़ाया.
  • भारत आयात पर निर्भर है और कोरोना की वजह से सप्लाई चेन चरमरा गई, लेकिन सरकार ने किसानों को दिक्कत नहीं होने दी. इसका इंतजाम किया कि कोरोनाकाल में इस देश में किसी को भूखा न रहना पड़े. 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया और आज भी करा रहे हैं.
  • अगर गरीबी से मुक्ति चाहिए, तो छोटे किसानों को मजबूत बनाना होगा. ग्रामीण अर्थव्यस्था को सही करना है, तो छोटे किसानों को मजबूत करना होगा.
  • देश में एक ऐसा समुदाय है, जो आज भी गुलामी की मानसिकता में जी रहा है. उसे 19वीं सदी की मानसिकता और 20वीं सदी का कानून ही सही लगता है.मैं कहना चाहूंगा कि 19वीं सदी की मानसिकता और 20वीं सदी के कानून से 21वीं सदी की इच्छा पूर्ण नहीं की जा सकती हैा
  • पीएम मुद्रा योजना के तहत लाखों मां-बहनों को लाभ मिला है. 2014 से पहले 500 स्टार्टअप थे अब 60,000 स्टार्टअप केंद्र हैं. इनमें से कई यूनिकॉर्न लेवल पर पहुंच गए हैं. उद्यमी लोगों को कुछ लोग कोरोना का वैरिएंट बोल रहे हैं. अधीर की ओर इशारा करते हुए कहा- अंदर बोलिए, पार्टी को नुकसान हो रहा है.
  • मेक इन इंडिया हो नहीं सकता, ऐसा कहकर देश का मजाक उड़ाया गया. दरअसल मेक इन इंडिया मतलब है- कमीशन के रास्ते बंद, तिजोड़ी भरने का रास्ता बंद, भ्रष्टाचार करने का रास्ता बंद.
  • प्रधानमंत्री ने कहा- जो इतिहास से सबक नहीं लेते हैं, वो इतिहास में खो जाते है. नेहरु-इंदिरा की सरकार को कांग्रेसी ही कहते थे कि इसे टाटा-बिरला चला रहे हैं. अब पंचिंग बैग बदल गया है. आदत नहीं बदली है.
  • मेक इन इंडिया मतलब- कमीशन के रास्ते बंद, तिजोरी भरने का रास्ता बंद, भ्रष्टाचार करने का रास्ता बंद. खुद निराश हैं, खुद सफल नहीं हो रहे हैं. वो देश को असफल करने की कोशिश कर रहे हैं.
  • रक्षा सौदों में कई ताकतवर लोगों को खरीदने की शक्ति है. मोदी इसे चुनौती देता है.
  • चिदंबरम जी इन दिनों इकॉनोमी पर अखबारों में लेख लिखते हैं, लेकिन जब वे सरकार में थे तो कहते थे- सरकार के पास कोई अलादीन का चिराग नहीं है, जो महंगाई कम कर दे.
  • देश में आज कांग्रेस की सरकार होती तो आप लोग महंगाई को कोरोना के खाते में डालकर निकल जाते. हमारी सरकार इसके प्रति संवेदनशील है. आज अमेरिका सहित कई देशों में 7 फीसदी महंगाई है.
  • कांग्रेस 71 साल से गरीबी हटाओ का नारा देकर जीतती रही. अब 40 साल में कांग्रेस ने नया नारा दे दिया, लेकिन देश की जनता इतनी जागरूक है कि कांग्रेस को 44 सीटों पर ही समेट दिया.

कांग्रेस के वजह से देश में कोरोना फैला
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश में जब लॉकडाउन का पालन किया जा रहा था, सारे एक्सपर्ट कह रहे थे कि जो जहां हैं वहीं रहें, तब कांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन पर मजदूरों को फ्री में टिकट दिया. लोगों से कहा कि तुम यूपी और बिहार के हो, जाओ वहां कोरोना फैलाओ. कांग्रेस ने ऐसा करके बड़ा पाप किया. दिल्ली में ऐसी सरकार है, जिसने माइक बांध कर ऐलान करवाया कि सभी मजदूर घर जाएं. यूपी, उत्तराखंड, पंजाब में लोग कांग्रेस के पाप के कारण कोरोना की चपेट में आए.

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