अब लोन लेने पर ब्याज दरों में होगी वृद्धि, आरबीआई की रेपो रेट फिर बढ़ी

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर 4.90 परसेंट करने की घोषणा की. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जहां मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) रेट 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, वहीं आरबीआई को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के तीन दिवसीय विचार-विमर्श के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा निर्णयों की घोषणा की गई.

महंगाई को नियंत्रित करने का अहम हथियार है रेपो रेट

पिछले महीने, एमपीसी ने बढ़ती मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए प्रमुख नीतिगत दर (रेपो रेट) को 40 आधार अंकों से बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत कर दिया था. अगस्त 2018 के बाद यह पहली दर वृद्धि थी. रेपो रेट या रिपर्चेसिंग ऑप्शन रेट वह दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट को महंगाई को नियंत्रित करने का अहम हथियार माना जाता है.